ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 95, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ें६३. सूर्य व वरुण का वर्णन १-६
अंधकार का नाश, सूर्य को खींचना, उदित होना, कर्म करना, मार्ग, रक्षा व धन हेतु
अनुरोध १-६
६४. मित्र व वरुण की स्तुति १-५
जलस्वामी, अन्न, वृष्टि, संतान व निवास हेतु स्तुति, रक्षार्थ याचना १-५
६५. मित्र व वरुण की स्तुति १-५
आह्वान, शक्तिशाली, दुःखों से पार पाने हेतु याचना, जल व अन्न मांगना, स्तुति १-५
६६. आदित्य, वरुण, मित्र, अर्यमा आदि का वर्णन १-१९
स्तोत्र, धारण करना, रक्षक, धन याचना, पापनाशार्थ प्रार्थना, स्वामी, स्तुति, शक्ति,
स्तुति, अन्न व जल याचना, शत्रुजेता, निवासदाता १-१०
ऋचाओं की रचना, धन याचना, धन के अधिकारी, मंडल, हरा घोड़ा, गतिशील,
कामना, आह्वान ११-१९
६७. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-१०
रथ सामने लाने हेतु स्तुति, उदय, रथ से आने, व धन देने हेतु स्तुति, कर्म से धन देने
की प्रार्थना १-५
मनचाहा धन हेतु प्रार्थना, आह्वान, नदियां, गो व अश्वदाता, रत्न, उन्नति व रक्षा हेतु
स्तुति ६-१०
६८. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-९
हव्यभक्षण हेतु आह्वान १-४
धन याचना, च्यवन ऋषि, भुज्यु, वृक ऋषि, बूढ़ी गाय, स्तुति ५-८
स्तोता को बढ़ाना ९
६९. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-८
रथ, स्तुति, पात्र, पीड़ा देना, रक्षक, आह्वान, बुलाना भुज्यु, रत्न एवं रक्षा हेतु
आह्वान १-८
७०. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-७
ebook converter DEMO Watermarks*