ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 91, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंनेमि, धन का हिंसक के पास न जाना, सोम भरना, आह्वान, धन याचना, सफलता
हेतु प्रार्थना २०-२७
३३. वसिष्ठ एवं उनके पुत्रों का वर्णन १-१४
चोटी, वसिष्ठपुत्रों को स्वीकारना, सुदास, पितर, तृत्सु को राज्य देना १-५
वसिष्ठ, वरण, महिमा, घूमना, त्याग, धारण करना ६-११
वसिष्ठ, अगस्त्य, सोम धारण १२-१४
३४. विभिन्न देवों की स्तुति १-२५
अभिलाषापूरक, स्तुति, उत्पत्ति जानना, स्तुति, सोने के हाथ, यज्ञमार्ग पर चलने का
आग्रह १-५
यज्ञ धारण करने का आग्रह, उदय, यज्ञकर्म करना, उज्ज्वल कर्म करने का अनुरोध,
वरुण, राष्ट्रों के राजा, रक्षार्थ स्तुति, पाप दूर करने व रक्षा हेतु याचना, मित्र बनाने का
आग्रह ६-१५
स्तुति, हिंसक को न सौंपने की प्रार्थना, शत्रु के मरने की कामना, धरती, त्वष्टा से धन
याचना, रक्षा हेतु प्रार्थना १६-२५
३५. गो, अश्व, ओषधि, पर्वत, नदी, वृक्ष आदि का वर्णन १-१५
शांति हेतु प्रार्थना, नराशंस, स्तुति सुनने का अनुरोध, रक्षा एवं पुत्र हेतु देवों से
प्रार्थना १-१५
३६. विभिन्न देवों की स्तुति व नदियों का वर्णन १-९
वर्षा का जल, निर्णायक, मेघ, आह्वान, मित्रता चाहना, सिंधु, यज्ञ व पुत्र की रक्षा हेतु
स्तुति, कर्मों के रक्षक, रक्षार्थ स्तुति १-९
३७. विभिन्न देवों का वर्णन १-८
मिश्रित सोम, धन व रत्न हेतु प्रार्थना, धन से पूर्ण हाथ, यज्ञ साधक, धनदाता १-५
आश्रयार्थ स्तुति, बलदाता, धन व रक्षा की याचना ६-८
३८. सविता का वर्णन १-८
रमणीय, धनदाता, रक्षा याचना १-३
ebook converter DEMO Watermarks*