ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 79, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंसंतान, अन्न की प्राप्ति व शत्रु की हार हेतु स्तुति ४-६
धन, बल व अन्न की प्राप्ति व शत्रु को जीतने हेतु प्रार्थना ७-९
आक्रमण से बचाने व शत्रु भगाने हेतु स्तुति १०-१२
घोड़ों को आगे बढ़ाने हेतु स्तुति १३-१४
४७. सोमरस का वर्णन एवं इंद्र की स्तुति १-३१
मधुर सोम, मदमत्त होना, वाणी का तेज होना, जल, दृढ़ करना, स्वर्ग धारण
करना १-५
धन देने का आग्रह, भरोसा, अन्न-धन के लिए प्रार्थना ६-९
बुद्धि देने की प्रार्थना, आह्वान, रक्षक १०-१२
शोभन, मिलाना, आगे-पीछे पैर रखना, सेवकों को बुलाना, मित्र १३-१७
रथ, घोड़े, मार्गदर्शन हेतु स्तुति १८-२०
शंबर व वर्ची का वध, प्रस्तोक, दिवोदास २१-२३
दान, पूजा, रथ, दिव्य रथ, दुंदुभि २४-२९
दृढ़ता की याचना, गाएं लाने की प्रार्थना ३०-३१
४८. अग्नि का वर्णन १-२२
प्रिय, रक्षक, अभिलाषापूरक, हव्य अन्न के लिए स्तुति १-४
प्रकट होना, धन हेतु स्तुति, गृहपति, धन के नेता, पालन हेतु प्रार्थना ५-१०
बछड़ों को अलगाना, आना, दुधारू गाय, अन्न व धन के लिए मरुतों से
याचना ११-१५
शत्रुओं को भगाने, निंदकों का नाश करने हेतु प्रार्थना, मित्रता व अनुग्रह के लिए पूषा
की स्तुति १६-१९
मार्गदर्शिका वाणी २०
बल धारण, स्वर्ग व धरती की उत्पत्ति २१-२२
४९. विभिन्न देवों का वर्णन १-१५
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