ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 75, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंधनस्वामी, वृत्रसंहारक, सोम के राजा १-३
पणि की सेनाएं, शुष्ण, निमि, नगरों का नाश ४-७
सुखदाता, अपराजित, नगरों का नाश ८-१०
उशना को बढ़ाना ११
यदु व तुर्वसु को सागर पार कराना १२
धुनि व चुमुरि को सुलाना १३
२१. इंद्र की स्तुति १-१२
शूर, बुद्धिमान्, बलशाली, प्रसिद्ध कर्म १-४
अंगिरा द्वारा स्तुति ५-१०
विद्वान्, मार्ग-निर्माता ११-१२
२२. इंद्र का वर्णन १-११
सत्यभाषी, शत्रुहंता, धन याचना, असुरनाशक, शक्तिदाता, वृत्रनाशक १-६
पापों से बचाने, राक्षसों को जलाने व वज्र धारण करने हेतु प्रार्थना ७-९
संपत्ति मांगना, आह्वान १०-११
२३. इंद्र का वर्णन १-१०
वैदिक स्तुतियां १
यजमान रक्षक, निवास स्थान व पुत्रदाता २-४
वेदमंत्रों व स्तोत्रों का उच्चारण ५-६
सोमपान हेतु आग्रह, सन्मार्ग प्रेरक ७-१०
२४. इंद्र का वर्णन १-१०
स्तुति व अन्नस्वामी, शूर, बुद्धिमान्, विलक्षण कर्मकर्त्ता १-५
अन्नेच्छुक, भरद्वाजगोत्रीय ऋषि ६
शरीर वृद्धि, पर्वत का भी सुगम होना ७-८
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