सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 70, कुल 1855 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 70

कर्मरक्षक, जलधारक, स्तुति, भूलोकधारक १-४
७०. मित्र एवं वरुण की स्तुति १-४
सुमति, अन्न याचना, शत्रुसंहार करने व आत्मनिर्भर बनाने की प्रार्थना १-४
७१. मित्र एवं वरुण की स्तुति १-३
आह्वान, कर्म सफल बनाने व सोमपान का आग्रह १-३
७२. मित्र एवं वरुण की स्तुति १-३
आह्वान, यज्ञकर्मों में लगना, सोमपान का अनुरोध १-३
७३. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-१०
आह्वान, बुलाना, लोकभ्रमण, अन्न मांगना, किरणों का बिखरना, स्तुति, अत्रि, भरण,
प्रार्थना, स्तुतियां १-१०
७४. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-१०
सेवा करना, सहायक की इच्छा, वृष्टि की प्रार्थना, युवा बनाना, आह्वान, शिरोधार्य,
विषय, हव्य १-१०
७५. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-९
मधु-विद्याज्ञाता, स्वर्ण रथ, अन्नयुक्त, स्तुति, हव्य देना, च्यवन ऋषि, विचित्र रूप वाले,
आह्वान, अवस्यु ऋषि, नाशहीन रथ १-९
७६. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-५
प्रज्वलित होना, आह्वान, रक्षार्थ प्रार्थना, घर, सौभाग्य मांगना १-५
७७. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-५
यज्ञधारक, तृप्त करना, दुर्गम मार्ग पार करना, संतान का पालन, सौभाग्य
मांगना १-५
७८. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-९
आह्वान, गौरमृग, घरदाता, रक्षार्थ प्रार्थना, सप्तवध्रि ऋषि, बंद संदूक, गतिशील होने
की प्रार्थना, जरायु, जीवधारी १-९
ebook converter DEMO Watermarks*