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सर्वकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 67, कुल 1855 में से

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पृष्ठ 67

याचना, स्तुतियां, यज्ञनेता १-३
यूप, स्तुति ४-५
५१. अग्नि, इंद्र वायु एवं अश्विनीकुमारों की स्तुति १-१५
सोमपान हेतु आग्रह, प्रिय होना, १-४
आह्वान, योग्य होना, दही मिला सोमरस ५-७
मित्रता, आह्वान ८-१०
पाप से बचाने की प्रार्थना ११-१३
धन की स्वामिनी, कल्याण व बंधुमित्रों से मिलन कराने हेतु प्रार्थना १४-१५
५२. मरुद्गण का वर्णन १-१७
प्रसन्न होना, भ्रमणकर्त्ता, स्तुत्य, हव्य देना, १-४
नेता, आयुध ५-६
मरुद्गण, परिश्रम करना, घिरना, यज्ञ धारण हेतु प्रार्थना ७-१०
दर्शनीय, कूपनिर्माण, निर्माता, आह्वान ११-१४
दान प्राप्ति, पृश्नि, रुद्र, गाएं देना १५-१७
५३. मरुद्गण की स्तुति १-१६
पृश्नि, वर्षाकारी १-२
स्तुति, प्रमुदित होना, बरसना, आकाश जाना ३-७
आह्वान, नदियां, प्रशंसा ८-१०
अनुगमन, हविदाता, बीजदाता, जल, गाय आदि मांगना ११-१४
कृपापात्र, स्तुति हेतु आग्रह १५-१६
५४. मरुद्गण का वर्णन १-१५
तेजस्वी, जल गिरना, बल संपन्न, सर्वथा समर्थ १-४
पर्वत तोड़ना, धन याचना, संरक्षण ५-७
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