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सर्वकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 63, कुल 1855 में से

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पृष्ठ 63

यज्ञकर्म, बढ़ाना, वाहक ५-७
हवि पहुंचाने व कुशों पर बैठने की प्रार्थना ८-९
२७. अग्नि की स्तुति १-६
त्र्यरुण, बैलों का प्रसन्न होना, धन याचना १-६
२८. अग्नि का वर्णन १-६
विश्ववारा, रक्षक, शत्रुनाशार्थ स्तुति, यज्ञयुक्त, वरण का आग्रह १-६
२९. इंद्र एवं मरुतों की स्तुति १-१५
तेज धारण, स्तुति, अहि का वध, स्तंभित करना, एतश, पकाना, मांस भक्षण,
आह्वान १-८
कुत्स, शुष्ण व दस्युओं का वध, पहिया देना, पिप्रु असुर, गाय छुड़ाना ९-१२
धनस्वामी, निर्माण, स्तोत्र, सामान देना १३-१५
३०. इंद्र एवं अग्नि की स्तुति १-१५
घर जाना, भयानक स्थान देखना, पर्वत तोड़ना, गो प्राप्ति १-४
डरना, प्रशंसा, नमुचि-वध ५-७
बादल नष्ट करना, सुंदरियां घर में रखना, मिलाना, वभ्रु की गाएं, राजा
ऋणंचय ८-१५
गाएं मिलना, गाएं
३१. इंद्र की स्तुति १-१३
चलना, पत्नीयुक्त करना, योग्य बनाना, जल धारण १-६
अधिकार करना, घर पहुंचाना, अंधकार मिटाना, घोड़े मिलना, अवस्यु, गतिहीन
करना ७-११
धन देने आना, स्तुति १२-१३
३२. इंद्र का वर्णन १-१२
मार्गे खोलना, प्रसिद्ध बनाना, उत्पत्ति, मेघ-रक्षक, कर्म जानना, वृत्रवध, निम्न
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