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सर्वकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 61, कुल 1855 में से

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पृष्ठ 61

७. अग्नि का वर्णन १-१०
मित्ररूप, प्रसन्न होना, हव्य स्वीकारना १-३
वनस्पतियां जलाना, चढ़ना ४-५
जानना, छिन्न-भिन्न करना, स्तुतियां, घृतभोजी, पशु प्राप्ति ६-१०
८. अग्नि की स्तुति १-७
वरेण्य, स्थान देना, विवेचक, समीप जाना १-४
स्वामी बनना, धारण करना, सिंचित ५-७
९. अग्नि की स्तुति १-७
स्तुति, बुलाना, जन्म देना, कठिनाई, लपटें फैलाना, पापों से पार होने व समृद्ध बनाने
की प्रार्थना १-७
१०. अग्नि की स्तुति १-७
अबाधगति, बल स्थित, धन व कीर्ति की प्राप्ति १-४
सर्वत्र जाना, रक्षा व समृद्धि हेतु प्रार्थना ५-७
११. अग्नि का वर्णन १-६
रक्षक, धुएं का स्थित होना, दूत, बढ़ाने की प्रार्थना, अरणि मंथन १-६
१२. अग्नि की स्तुति १-६
कामनापूरक, दीप्तिशाली, भक्तस्वामी, सेवक, शत्रु-संहार, घर मिलना १-६
१३. अग्नि की स्तुति १-६
रक्षार्थ पूजन, दीप्तिशाली, स्तुति, विस्तार करना, बल-धन मांगना १-६
१४. अग्नि का वर्णन १-६
अमर, स्तुति, प्रकाशित होना, क्रांतदर्शी, वर्धन १-६
१५. अग्नि का वर्णन १-५
स्तुति-रचना, देवप्राप्ति, पापरहित बनाना, धारण करना १-५
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