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सर्वकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 54, कुल 1855 में से

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पृष्ठ 54

प्रजाधारक, रक्षक, स्तुति, अन्नधारक, शत्रुनाशक, गाएं छीनना, धन बांटना ६-११
बल प्राप्ति, धनदाता, भिगाना, झुकना १२-१६
सुखदाता, पूजन, शत्रुहंता, प्रजाधारक, नई स्तुतियां १७-२१
१८. इंद्र का वर्णन १-१३
इंद्र एवं वामदेव का वार्तालाप १-४
घेरना, मेघ भेदना, वृत्रवध, निगलना, सिर काटना, अजेय इंद्र ५-१०
वार्ता, कुत्ते की आंत ११-१३
१९. इंद्र का वर्णन १-११
समर्थ, पानी रोकना, वृत्रवध, जल छिन्न-भिन्न करना १-४
जलभरना, तुर्वीति व वय्य, गो दोहन, छुड़ाना, वल्मीक, वर्णन, नई स्तुतियां ५-११
२०. इंद्र की स्तुति १-११
घिरना, यज्ञ में आने, उसे पूरा करने व सोमरस पीने की प्रार्थना, प्रशंसा करना १-५
विशाल, आहूत, शासक, बुद्धिबल, धन मांगना, स्तुतियां ६-११
२१. इंद्र का वर्णन १-११
आह्वान, शत्रु हराना, बुलाना १-३
स्थूल व विशाल, लोक-स्तंभक, क्रोधी, पालक, गौर व गवय की प्राप्ति, उत्तम कर्म,
स्तुतियां ४-११
२२. इंद्र का वर्णन १-११
हव्य आदि स्वीकार करना, परुष्णी नदी, धरती व आकाश कंपाना १-३
शब्द करना, अहि का नाश, अधिक दूध देना, स्तुति ४-७
प्रेरणा, बल, गाय व अन्न हेतु प्रार्थना ८-११
२३. इंद्र का वर्णन १-११
अभिलाषा, कृपादृष्टि, उपाय जानना, स्तुतियां, मित्रता, गतिशील १-६
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