ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 47, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंवध, युद्ध जीतना, पीसना, धन बांटना, वरणीय दान, पालन, दमन, आह्वान ३-११
३५. इंद्र की स्तुति १-११
सोम देना, घोड़े जोड़ना, जौ, रथ में जोड़ना, हरी नामक घोड़े, सोमपानार्थ प्रार्थना,
जौ, स्तुतियां १-८
सहायता, आह्वान ९-११
३६. इंद्र की स्तुति १-११
संगति, सोमरस, ओज, गाएं, अंतरिक्ष, लताएं निचोड़ना, बांटना, धन मांगना,
आह्वान १-११
३७. इंद्र की स्तुति १-११
प्रेरणा, अनुकूल बनाना, शतक्रतु, मानवाधारक, धन देने एवं असुर नाशार्थ
पुकारना १-६
वृत्रहंता, जागरणशील, पांच जन, अन्न देने व यज्ञ में आने की प्रार्थना ७-११
३८. इंद्र का वर्णन १-१०
स्मरण, स्वर्ग प्राप्ति, सुशोभित, इंद्रसभा, जल निर्माण, देखना, समर्पण, मिलन, कर्मों
को देखना, पुकारना १-१०
३९. इंद्र का वर्णन १-९
स्तुतियों का पितरों के पास से आना १-२
यज्ञकर्मों से संगत होना ३
पितरों का निंदक ४
सूर्य दर्शन, असुर, वरण, धन याचना, विश्वनेता इंद्र ५-९
४०. इंद्र की स्तुति १-९
सोमपान हेतु आह्वान, आग्रह, बढ़ना, आह्वान १-९
४१. इंद्र की स्तुति १-९
आह्वान, कुश बिछाना, स्तुतियां, पुरोडाश, उक्थ, शक्तिस्वामी १-५
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