ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 32, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंसुखकर्त्ता, वृत्तांत, सेवा, मेघ, यज्ञार्थ आना १-५
१५७. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-६
उषा, रथ, सौभाग्य, कशा, गर्भरक्षा, समर्थ १-६
१५८. अश्विनीकुमारों का वर्णन १-६
दीर्घतमा, अन्न, तुग्रपुत्र, पाशबद्ध, दास, त्रितन, निर्देशक १-६
१५९. द्यावा-पृथिवी का वर्णन १-५
अनुग्रह, अमृत देना, हितकारी, बहिनें, धन याचना १-५
१६०. द्यावा-पृथिवी का वर्णन १-५
सुखदाता, रक्षक, दूध, श्रेष्ठ, विस्तार १-५
१६१. ऋभुगण का वर्णन १-१४
चमस, भाग, युवा करना, स्त्री, पानपात्र, नवीन रथ, मृतक गाय, सोमरस, चार
भाग १-९
रक्त रखना, फसलें, बलवती वाणी, अभिलाषा १०-१४
१६२. अश्वमेध के अश्व का वर्णन १-२२
पराक्रम, बकरे ले जाना, पुरोडाश, भाग, जल, यूप, सुडौल, लगाम, छुरी १-९
मांस, रस, कामनाएं, परीक्षा, छुरी, अश्व, घास, पात्र, वषट्कार, वस्तुएं, शब्द करना,
हड्डियां १०-१८
प्रकाशक, अकुशल, समीप जाना, तेज व बल १९-२२
१६३. अश्वमेध के अश्व का वर्णन १-१३
शब्द, अश्व प्राप्ति, व्रतधारी, बंधन, लगाम, सिर, रूप, सौभाग्य, सिर-पैर, पंक्ति में
चलना १-१०
वायुवत् चलने वाला, उड़ना, बकरा, कुशल घोड़ा ११-१३
१६४. विश्वदेव का वर्णन १-५२
पुत्र, सूर्यरथ, गाएं, संसार, धागे, लोक, गाएं, पूजन, तीन माता-पिता, पहिया, चरण,
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