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सर्वकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 152, कुल 1855 में से

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पृष्ठ 152

१५१. श्रद्धा की स्तुति व वर्णन १-५
जानना, मनचाहा फल, निश्चय, सेवा, बुलाना १-५
१५२. इंद्र की स्तुति १-५
शत्रुशक्षक, अभयकर्त्ता, अप्रिय शत्रु, अंधकार, आयुध १-५
१५३. इंद्र की स्तुति १-५
शोभनधन, अभिलाषा, टिकाना, धारण, अधिकार १-५
१५४. मृत व्यक्ति का वर्णन व यम की स्तुति १-५
घृत, तप करना, दक्षिणा, उत्तम कर्म, सूर्यरक्षक १-५
१५५. दरिद्रता की निंदा १-५
शिरिंबिष्ठ, दरिद्रता, तैरना, सोना, अन्न देना १-५
१५६. अग्नि की स्तुति १-५
धन जीतना, रक्षासाधन, धन मांगना, प्रकाशक, ज्ञाता १-५
१५७. इंद्र एवं अन्य देवों का वर्णन १-५
सुख याचना, प्रजारक्षण, रक्षक, अमरता, वर्षा देखना १-५
१५८. सूर्य की स्तुति १-५
रक्षा व नेत्र याचना, देखना १-५
१५९. शची का आत्मवर्णन १-६
वश में करना, हराना, कीर्ति, शत्रुहीन, तेज, अधिकार १-६
१६०. इंद्र की स्तुति व वर्णन १-५
सोमरस, स्तुतियां, धनदाता, धनी, आह्वान १-५
१६१. इंद्र द्वारा रोगी को सांत्वना १-५
यक्ष्मा निवारणार्थ प्रार्थना, निर्ऋति, पार ले जाना, रोगनाश, शतायु याचना,
लौटना १-५
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