ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 15, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ें३९. मरुतों का वर्णन १-१०
समीप जाना, शत्रु संहार, ध्वनि, रक्षार्थ तैयार, क्रोध १-१०
४०. ब्रह्मणस्पति की स्तुति १-८
स्तुतिगान व शत्रुनाशार्थ प्रार्थना १-४
देवनिवास, ब्रह्मणस्पति, शत्रुनाश ५-८
४१. वरुण मित्र आदि देवों का वर्णन १-९
ज्ञानी से संरक्षण, उन्नति, पापनाश, सुगम मार्ग १-५
धन व संतान की प्राप्ति, स्तोत्र, तृप्ति, निंदा न करना ६-९
४२. पूषा की स्तुति १-१०
मार्ग के पार लगाने, आक्रांताओं को हटाने, सजा देने व शक्ति देने की प्रार्थना १-५
धन प्राप्ति, उत्तरदायित्व, अन्न, धन मांगना ६-१०
४३. रुद्र, वरुण आदि देवों की स्तुति १-९
ओषधि व सुख मांगना १-४
चमकीला, सुखकारी, अन्न व प्रजा कामना ५-९
४४. अग्नि व मरुद्गण की स्तुति १-१४
धन याचना, सेवन, स्तुति, दीर्घजीवन, प्रार्थना, हितसाधक, लपटें, स्तुति १-१४
४५. अग्नि की स्तुति १-१०
आह्वान, प्रस्कण्व, रक्षा याचना, चमकीली लपटें, फलदाता १-१०
४६. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-१५
अंधकारनाशक, निवासदाता, तापशोषक, स्तुति १-५
दरिद्रता मिटाना ६
रथ, प्रकाश, उदित सूर्य, मार्ग, रक्षा निवास, ७-१३
हवि ग्रहण करने व सुख देने की प्रार्थना १४-१५
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