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सर्वकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 148, कुल 1855 में से

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पृष्ठ 148

रक्षा याचना, वृत्रवध, महिमा, वृष्टि, वज्र, क्रोध १-६
वीरता, भक्षण, दभीति, धन याचना ७-१०
११४. विविध विषयों का वर्णन १-१०
व्याप्त करना, व्रत, भाग प्राप्ति, प्रवेश, बारह पात्र, रथ १-६
विभूतियां, वाणी, पुरोहित, श्रम निवारण ७-१०
११५. अग्नि का वर्णन एवं स्तुति १-९
दूत, हव्य भक्षण, स्तुति, अजर, आश्रय, होनहार १-६
शत्रुनाश, बलपुत्र, वषट्कार ७-९
११६. इंद्र की स्तुति १-९
वृष्टि याचना, उत्तरवेदी, शत्रु-संहार, वृष्टि व शक्तिदाता १-५
शरीर, द्रव्य, अभिलाषाएं, धनदाता ६-९
११७. दान का वर्णन १-९
मृत्यु, भिखारी, खोजना, दाता, जाना १-५
पापी, दानी, धन मांगना, दान ६-९
११८. अग्नि की स्तुति १-९
पवित्र व्रत, सुच, घृतसिंचन, प्रशंसित, अमर, दीप्तिधारक, अद्वितीय तेज, स्तुति १-९
११९. इंद्र द्वारा अपना वर्णन १-१३
सोमपान, कंपाना, ऊपर उठाना, स्तुतियां, स्थान बनाना, पंचजन, हराना, धरती
रखना १-९
जलाना, स्वर्ग, महान्, सुशोभित १०-१३
१२०. इंद्र का वर्णन १-९
स्वागत, डराना, नाती, प्रसन्न होना, प्रेरणा १-५
विश्वसनीय, कर्म, जीतना, शक्ति ६-९
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