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सर्वकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 141, कुल 1855 में से

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पृष्ठ 141

रक्षा, अभिलाषी, गय ऋषि, प्रभुता १४-१७
६५. विभिन्न देवों का वर्णन १-१५
पूर्ण करना, बढ़ाना, मैत्री, स्तुति, याचना, स्तुति, निकालना, व्याप्त, आह्वान, धन
याचना, कार्य, विष्णाप्व १-१२
सरस्वती, स्तुतियां, अन्न याचना १३-१५
६६. विभिन्न देवों का वर्णन १-१५
आह्वान, तैयारी, अभ्युदय, बुलाना, मकान मांगना, इच्छापूरक, पूजन, जलरचना, पूर्ण
करना १-९
स्वर्गधारक, स्तुति व स्तोत्र सुनने की प्रार्थना, सेवा, धन मांगना वंदना १०-१५
६७. बृहस्पति का वर्णन १-१२
अयास्य ऋषि, सरल मन, स्तुति, गाएं निकालना, गरजना, रुलाना, स्तोत्रस्वामी,
सहयोगी १-८
बढ़ाना, स्तुति, प्रसन्नतादाता, नदी प्रवाहित करना ९-१२
६८. बृहस्पति का वर्णन १-१२
स्तुति, प्रकाश पहुंचाना, गाय निकालना, पणि, बल राक्षस, वध, भेदन १-७
गाएं देखना, उषा प्राप्ति, असमर्थता, प्रकाश धारण, नमस्कार ८-१२
६९. अग्नि की स्तुति व वर्णन १-१२
वध्यश्व ऋषि, दीप्त होना, सुमित्र ऋषि, रक्षार्थ प्रार्थना, शत्रुजेता, हितकारी,
आच्छादित, सुमित्रवंशी, महिमा १-९
शत्रुवध, संहार, स्तुत्य १०-१२
७०. अग्नि, यज्ञशाला, ऋत्विज्, होता आदि की स्तुति १-११
उत्तरवेदी, स्तुत्य, रथ, प्रसन्नचित्त, अधिष्ठित, देवगण, यज्ञपात्र, हव्य सेवन १-८
देवभाग, रशना, स्वाहा ९-११
७१. भाषा का वर्णन १-११
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