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सर्वकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 139, कुल 1855 में से

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पृष्ठ 139

बल, पूजन, शक्तिदाता, शत्रुजेता १-४
रक्षाशक्ति जानना, यज्ञधारक, मनोमार्ग ५-७
५१. अग्नि व देवों का संवाद १-९
प्रवेश, विविध शरीर, पहचानना, आना, तेजपुंजधारी, तीन भाई १-६
अजर आयु, उत्पत्ति, हव्यभाग ७-९
५२. अग्नि का देवों के प्रति कथन १-६
होता, अध्वर्यु, नियुक्त १-३
पांच मार्ग, सेवा, बैठाना ४-६
५३. अग्नि का वर्णन १-११
आना, बैठना, कल्याण करना, पंचजन, यज्ञपात्र, मार्ग, आठ रथ १-७
अश्मन्वती नदी, सोमपात्र, कुठार, अमरत्व, जीतना ८-११
५४. इंद्र की स्तुति १-६
कीर्ति, वृत्रवधादि, उत्पत्ति १-३
अजेय, दाता, स्तोत्र ४-६
५५. इंद्र की स्तुति १-८
दीप्त करना, प्रसन्न होना, सात तत्त्व १-३
मित्रता, सामर्थ्य, लाल पक्षी, सहायक, बढ़ाना ४-८
५६. बृहदुक्थ ऋषि का अपने मृत पुत्र वाजी से कथन १-७
सूर्य, ज्योति धारण, अनुगमन १-३
प्रवेश, परिक्रमा, चिरस्थायी, बृहदुक्थ ४-७
५७. इंद्र की स्तुति व मन का वर्णन १-६
यजमान, आह्वनीय, बुलाना १-३
सुबंधु, इंद्रियां लौटाने का आग्रह, सोमदेव ४-६
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