ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 113, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ें६२. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-१८
उन्नत बनने का आग्रह, आह्वान, अत्रि, पास जाना, घर बनाना, उष्णता से रक्षा की
प्रार्थना, सप्तवध्रि, पुनः सुलाना, आह्वान १-१०
अनुरोध, समान होना, घूमना, आह्वान, रक्षार्थ पास रहने की प्रार्थना, प्रकाश फैलाना,
अंधकार का नाश, संदूक जलाना ११-१८
६३. अग्नि का वर्णन, अग्नि एवं जल की स्तुति १-१५
गूढ़वचन, स्तुति, प्रशंसक, श्रुतर्वा व ऋक्षपुत्र, अमर, स्तुति, अर्पण, सुखकर स्तुति,
अन्नयुक्त १-९
पालक, गोपवन ऋषि, स्तुति, शीश छूना, भुज्यु, श्रुतर्वा १०-१५
६४. अग्नि की स्तुति १-१६
रथ जोड़ने का आग्रह, वरणीय धन, सत्ययुक्त, मेधावी, गतिशील, शोभन, पणि,
परिचारिकाएं न छोड़ने का आग्रह, बाधा न पहुंचाने की प्रार्थना १-९
नमस्कार, धन देने, शत्रुधन जीतने, बल व वेग बढ़ाने की प्रार्थना १०-१३
अग्नि का जाना, सेना रक्षा हेतु प्रार्थना, पालक १४-१६
६५. अग्नि की स्तुति १-१२
आह्वान, सिर काटना, जल बनाना, स्वर्ग जीतना, आह्वान १-५
आह्वान, वज्र को तेज करने व जबड़े कंपाने की प्रार्थना, विनाशक, स्तुति ६-१२
६६. इंद्र का वर्णन एवं स्तुति १-११
पूछना, माता शवसी, ऊर्णनाभ, अहीशुव आदि, खींचना, संहार, मंत्रपान, मेघ को
मारना, बादल छेदना, फलक १-७
विशाल पर्वत बनाना, जल देना, बाण ८-११
६७. इंद्र का वर्णन एवं स्तुति १-१०
गाएं, घोड़े, तेल व गहने मांगना, सहायक, शक्तिशाली, अजेय १-६
वृत्रहंता, शोभन-दान, समीप जाना, दरांत ७-१०
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