ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 105, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंऊर्ध्वगति, देवों के पास जाना, निवासदाता, समृद्ध बनना, यश प्राप्ति, क्रोध दबाना,
प्रकाशमान होना, ध्यान १०-१७
कामना, तृप्त, जेता, मनु द्वारा स्थापित, नित्य तरुण, आहूत, बलपुत्र १८-२५
अपवाद, भर्त्ता, सेवा की कामना, बुद्धिरक्षक, मित्रता बढ़ना, द्रवणशील, त्रसदस्यु,
समाहित, फल पाना, शत्रुजेता २६-३५
पत्नियों का दान, धन, वस्त्र आदि देना ३६-३७
२०. मरुद्गण की स्तुति १-२६
कंपाना, अभिलषित, बलज्ञाता, द्वीपों का गिरना, शब्द करना १-५
ऊपर जाना, नेता, वीणा, उत्तमगति, सेचन समर्थ आयुध, विजय, एक नाम होना,
दान, भक्त बनना, सुख फैलाना, जलकर्त्ता, सेवा, प्रशंसा करना, यशस्वी, समान
जाति, ६-२१
मित्रता, सखा, शत्रुशून्य, रोग भगाने की प्रार्थना २२-२६
२१. इंद्र की स्तुति १-१८
रूप धरना, वरण, सेनापति, आह्वान, स्तुति, वज्रधारी, मित्रता जानना, धन, गाएं,
घोड़े लाना, वृष्टिकर्त्ता १-११
आहूत, बांधवहीन, धन देना, बैठने का आग्रह, अक्षय धन, सौभरि, धन देना १२-१८
२२. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-१८
रथ बुलाना, स्तुति का आग्रह, शत्रुजेता, पहिए चमकाना, खेती, तृप्त करना, सोमरस
निचोड़ना १-८
धनवर्षक, इलाज की प्रार्थना, आह्वान, वरेण्य, स्तुति, बुलाना, रक्षक, दर्शनीय,
बली ९-१८
२३. अग्नि का वर्णन १-३०
बाधाहीन, रथदाता, पूज्य, आश्रय, ज्वालाएं, शोभन स्तुतियां, प्रशंसा, तृप्त,
हव्ययुक्त १-९
होता, प्रदर्शन, धन याचना, प्रजापालक, हवि देना, व्यश्व ऋषि, स्थापना, यज्ञयोग्य,
दूत, अजर १०-२०
ebook converter DEMO Watermarks*