ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 103, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंजाना, धन याचना, अनुष्ठान, जानना, पाक धारण, पास आना, स्तोत्र जानना, आना, ले
जाना, स्तुति, आह्वान विजयी, रक्षासाधन, हव्यनिर्माण १-१४
धन याचना, देवी, यज्ञ में जाना, सोमलता निचोड़ना, प्रार्थना १५-२१
१०. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-६
बुलाना, यज्ञज्ञाता, निकट आने की प्रार्थना १-६
११. अग्नि की स्तुति १-१०
प्रशंसनीय, यज्ञनेता, अलगाने की प्रार्थना, इच्छा न करना, अमर १-५
बुलाना, कामना, मालिक ६-८
विचित्र धन वाले, सौभाग्य याचना ९-१०
१२. इंद्र की स्तुति एवं वर्णन १-३३
याचना, रक्षा, भेजना, जानने की प्रार्थना, अभिलाषाएं पूर करना, कल्याण करना,
धन मिलना, कल्याण देना १-७
बल बढ़ना, जलाना, स्तुति का समीप जाना, पुनीत करना, सीमा बांधना, प्रमुदित
करना, स्तोत्र उत्पत्ति, स्तुति, प्रसन्न होना, कामना ८-१९
बढ़ाना, धनदान, स्वामी बनाना, स्तुति, दीप्त होना, नापना, बांधना, नियमित करना,
स्तुति भेजना, धरती की नाभि यज्ञ, पशु याचना २०-३३
१३. इंद्र की स्तुति १-३३
पवित्र करना, बढ़ाना, बुलाना, आहुतियां, धनाभिलाषा, स्तुति, फल देना, प्रशंसा,
पालक १-९
घर जाना, सुख मिलना, श्रेष्ठ शक्तिशाली, आह्वान, प्रसन्न होने व धन देने की प्रार्थना,
श्रद्धा रखना, बढ़ाना, त्रिकद्रुक, स्तुति १०-१९
स्तुति, सोमपान, याचना, आह्वान, स्तुत, अन्न याचना, दया प्राप्ति आह्वान, हव्य
ग्रहणार्थ प्रार्थना २०-२८
उत्तरवेदी, योग्य फल, शतक्रतु, इच्छापूरक, आह्वान २९-३३
१४. इंद्र की स्तुति १-१५
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