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रसखान रचनावली (सुजान रसखान, प्रेमवाटिका एवं दानलीला सटीक)

रसखान रचनावली (सुजान रसखान, प्रेमवाटिका एवं दानलीला सटीक)

Raskhan Rachanavali with Hindi Commentary

रसखान (सैयद इब्राहिम) / पं. विद्यानिवास मिश्र द्वारा

DevanagariBrajpublished368 पृष्ठ

पृष्ठ 6, कुल 368 में से

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पृष्ठ 6

दो शब्द
हिन्दी के कृष्ण-भक्त तथा रीतिकालीन रीतिमुक्त कवियो मे
रसखान का अत्यन्त महत्वपूर्ण स्थान है । हिन्दी मे इनके
काव्य के अनेक सकलन प्रकाशित हुए है, किन्तु सटीक
कोई भी नही है, इससे सामान्य पाठक रसखान के
काव्य के रसास्वादन से वंचित रह जाता था ।
प्रस्तुत कृति इसी उद्देश्य की सृष्टि
है । इसीलिए इसमे उन सभी
छन्दो को समाविष्ट कर
लिया है जो संदिग्ध
है, पर रसखान के
नाम से प्रचलित
है ।
आशा है, अपने उद्देश्य मे यह कृति सफल रहेगी ।
—देशराजसिंह भाटी