रसेन्द्रसारसंग्रह (गोपालकृष्ण - पं. रामप्रसाद वैद्य सविस्तार सान्वय हिन्दी टीका सहित)
Rasendra Sara Sangraha of Gopalakrishna with Commentary
गोपालकृष्ण भट्ट (टीकाकार: पं. रामप्रसाद वैद्य) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( १० ) रसेन्द्रसारसंग्रह-
विषय. पृष्ठांक. विषय. पृष्ठांक.
वरुणाद्य लोह ४०८ स्थौल्याधिकार ।
मूत्रकृच्छ्रान्तक रस ४०९ त्र्यूषणाद्यलोह ४३०
मूत्राघाताधिकार । वडवाग्निलोह ”
तारकेश्वर रस ४१० वडवाग्निरस ४३१
लघुलोकेश्वर रस ४११ उदररोगाधिकार ।
अन्ययोग ”
गोखरूआदि योग ४१२ त्रैलोक्यसुन्दर रस ४३१
अश्मरीरोगचिकित्सा । वैश्वानरी वटी ४३२
पाषाणवज्र रस ४१२ जलोदरारि रस ४३३
त्रिविक्रमरस ४१३ वह्निरस, त्रैलोक्यडुम्बर रस ४३४
लोह प्रयोग ४१४ महावह्नि रस ४३५
अन्य योग, गंधकादियोग ” इच्छाभेदी रस ४३६
प्रमेहाधिकार । पिप्पलीमूलाद्य लोह ”
हरिशंकर रस ४१४ उदरारि रस, वङ्गेश्वर रस ४३७
इन्द्रवटी, वङ्गावलेह ४१५ प्लीहरोगचिकित्सा ।
प्रमेहसेतु ” लोकनाथ रस ४३८
विडंगाद्य लोह ४१६ बृहल्लोकनाथ रस ४३९
बृहत् हरिशंकर रस ” क्षात्रेश्वरवटी, अग्निकुमारलोह ४४१
आनन्दभैरव रस ४१७ प्राणवल्लभ रस ४४२
विद्यावागीश रस ” यकृदरि लोह ४४३
मेहमुद्गर रस, मेघनादरस ४१८ मृत्युञ्जय रस ४४४
चन्द्रप्रभा वटी ४१९ प्लीहार्णव रस ४४५
इक्षुमेहपर वंगेश्वर रस ४२० प्लीहशार्दूल रस ४४६
बृहद्वङ्गेश्वर रस ” प्लीहारि रस, अपर प्लीहारिरस ४४७
कस्तूरीमोदक ४२२ लोहमृत्युञ्जय रस ४४८
मेहवज्र ४२३ महामृत्युञ्जय रस ”
मेहकेशरी, योगेश्वर रस ४२४ बृहद् गुडपिप्पली ४४९
सोमचिकित्सा । ताम्रकल्प ४५०
तालकेश्वर रस ४२५ दारुभस्म, वज्रक्षार ४५२
गगनादि लोह, सोमनाथ रस ४२६ उदरामयकुम्भिकेसरी रस ४५३
बृहत्सोमनाथ रस ४२७ वारिशोषण रस ४५४
सोमेश्वर रस ४२८ सर्वतोभद्र रस ४५६