रसतरङ्गिणी (सदानन्द शर्मा - पारद, धातु, उपधातु एवं भस्म रसायन शास्त्र सटीक)
Rasatarangini of Sadananda Sharma with Prasadani Commentary
सदानन्द शर्मा (टीकाकार: पं. हरिदत्त शास्त्री) द्वारा
पृष्ठ 702, कुल 799 में से
संदर्भ में पढ़ेंचतुर्विंशस्तरङ्गः ६७७
कुसुमं लघुशुक्लञ्च हरिदाभञ्च कोमलम् ।
नारङ्गरङ्गं मसृणं फलं रम्यं सुवर्तुलम् ॥१६६॥
मज्जा शुभ्रा कोमला च बीजं वृत्तञ्च रोमशम् ।
बीजमेव चिकित्सायां विबुधैर्विनियुज्यते ॥१७०॥
कोङ्कणे च तथा वङ्गे दक्षिणे च विशेषतः ।
देशेष्वन्येषु च तथा जायते विषतिन्दुकम् ॥१७१॥
तत्रादौ विषतिन्दुककीर्तनं कुचेलकमित्यादि—भक्षितप्रभा भस्मसदृशप्रभा-
युक्ता । स्पष्टाः शिराः यत्र तादृशम् पत्रवृन्तकञ्च ह्रस्वकम् इत्यन्वयः । हरिदाभं
ईषद्वरिद्वर्णम् । मज्जा फलमज्जा ॥१६७–१७१॥
भा.टो.-कुचला शिखिजाति का वृक्ष माना जाता है। इसका कांड (तना)
टेढ़ा और मोटा होता है । इसके तने की छाल कुछ राख जैसे रंग ( चमक )
की होती है । इसका प्रायः गोल, चिकना और अखण्डित (पूरा) होता है ।
इसके पत्र का रंग हरा होता है और इसमें शिरायें ( नाडियां ) स्पष्ट दिखाई
देती हैं और पत्रवृन्त (डंठल) छोटे-छोटे होते हैं । इसका फूल छोटा सफेद हरे
रंग का और कोमल होता है । कुचले का फल नारंगी के रंग का सुन्दर गोल
और चिकना होता है । फल के भीतर पायेजानेवाली मज्जा ( गूदा ) कोमल
और सफेद होती है । इसी मज्जा में पायाजानेवाला बीज गोल टिकिया जैसा
और रोंएदार होता है । इसी बीज को विद्वान् चिकित्सक चिकित्सा कार्य में
लाते हैं । कुचले का वृक्ष कोंकण, बंगाल तथा दक्षिणीय प्रदेशों में विशेष रूप
से पाया जाता है। इसके अतिरिक्त अन्य देशों में भी पाया जाता है ॥१६७-१७१॥
वक्तव्य कुचला भारतवर्ष के गरम प्रदेशों में विशेष रूप से पाया जाता
है । इसका वृक्ष बड़ा सुन्दर ४० फीट ऊँचा, तना सीधा टेढ़ा, पत्ते चौड़े अंडा-
कृति आमने-सामने पूर्णधार, ३ से ६ इञ्च तक लम्बे और ३ से ५ नाड़ियोंवाले,
फूल हरे से श्वेत, अनेक छोटे-छोटे शाखाओं के अन्त में पतली पुष्प नालों पर
गुच्छों में लगते हैं । फूलों से हरिद्रा जैसी गन्ध आती है । इसका फल भूमएड-
लाकार चिकना, नारंगी जितना और नारंगी रंग का होता है । ऊपर के पतले
छिलके अन्दर नरम श्वेत कड़वा, लिचलिचा गूदा होता है जिसमें १ से ५ बीज
होते हैं । इसका बीज आधा इंच व्यास, चपटी. गोल, एक पृष्ठनतोदर और
दूसरा उन्नतोदर, चमकीले रेशमी बालों से युक्त, भूरा विषैला और कड़वा होता