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सर्वकोश
रसतरङ्गिणी (सदानन्द शर्मा - पारद, धातु, उपधातु एवं भस्म रसायन शास्त्र सटीक)

रसतरङ्गिणी (सदानन्द शर्मा - पारद, धातु, उपधातु एवं भस्म रसायन शास्त्र सटीक)

Rasatarangini of Sadananda Sharma with Prasadani Commentary

सदानन्द शर्मा (टीकाकार: पं. हरिदत्त शास्त्री) द्वारा

DevanagariHindipublished799 पृष्ठ

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सिक्थ तेल की निर्माण विधि ११४ | पर्पटी सेवन में अन्य प्रकार से पथ्य १३३
सिक्थ तेल की दूसरी निर्माण विधि ११५ | पर्पटी सेवन में अपथ्य १३४
सिक्थ तेल का प्रयोग ११५ | रससिन्दूर का निर्माण प्रकार १३५
रस कर्पूर की निर्माण विधि ११५ | रससिन्दूर का अन्य निर्माण १३६
रस कर्पूर का गुण ११७ | तलस्थ रससिन्दूर का निर्माण १३७
रस कर्पूर की मात्रा (साधारण) ११८ | अर्ध गन्धक जीर्ण रससिन्दूर १३८
अन्तःप्रयोग की मात्रा ११८ | समान गन्धक जीर्ण रससिन्दूर १३८
अन्तप्रयोग में चूर्णरूपी मात्रा ११८ | द्विगुण गन्धक जीर्ण रससिन्दूर १३६
रस कर्पूर का आमयिक प्रयोग ११६ | त्रिगुणादि गन्धक जीर्ण रससिन्दूर १३६
रस कर्पूर गुटिका ११६ | षड्गुण गन्धक जीर्ण रससिन्दूर १४०
बाह्य प्रयोग के लिए भूतघ्न चक्रिका १२० | रससिन्दूर का गुण १४०
निम्बूकाम्ल का निर्माण प्रकार १२१ | सहपान का लक्षण १४२
रसकर्पूर द्रव का निर्माण प्रकार १२२ | अनुपान का लक्षण १४३
रसकर्पूर द्रव की दूसरी विधि १२२ | रससिन्दूर का आमयिक प्रयोग १४३
रसकर्पूर द्रव का गुण १२३ | रससिन्दूर की मात्रा १४८
रसकर्पूर द्रव का प्रयोग १२४ | मकरध्वज का निर्माण १४६
कज्जली का स्वरूप १२४ | श्री सिद्ध मकरध्वज १५१
कज्जली का प्रयोगों में विधान १२४ | मकरध्वज का गुण १५२
कज्जली का गुण १२६ | सर्वाङ्ग सुन्दर रस १५२
कज्जली का आमयिक प्रयोग १२६ | सर्वाङ्ग सुन्दररस का गुण १५३
कज्जलिकोदय मलहर १२६ | सप्तम तरङ्ग
रसपर्पटीका निर्माण १२६ | पारद का सामान्य मारण १५३
रसपर्पटिका का त्रिविध पाक १३० | मृत पारद का लक्षण १५४
रसपर्पटिकाके त्रिविधपाकका ल० १३० | पारदमारण का प्रथम प्रकार १५४
रसपर्पटिका का गुण १३१ | वह्नि मृत्स्ना लक्षण १५५
रसपर्पटिका की मात्रा १३१ | पारद मारक गण १५५
रसपर्पाटिका का आमयिक प्रयोग १३१ | पारदमारण का द्वितीय प्रकार १५७
पर्पटी सेवन में जल का निषेध १३३ | पारदमारण का तृतीय प्रकार १५७
पर्पटी सेवन में पथ्य १३३ | पारदमारण का चतुर्थ प्रकार १५७