रसतरङ्गिणी (सदानन्द शर्मा - पारद, धातु, उपधातु एवं भस्म रसायन शास्त्र सटीक)
Rasatarangini of Sadananda Sharma with Prasadani Commentary
सदानन्द शर्मा (टीकाकार: पं. हरिदत्त शास्त्री) द्वारा
पृष्ठ 17, कुल 799 में से
संदर्भ में पढ़ेंविषय सूची
विषय | पृष्ठ | विषय | पृष्ठ
प्रथम तरङ्ग | | अपर अम्ल पञ्चक | १४
मङ्गलाचरणम् | १ | पञ्चतिक्त | ”
अहङ्कार परिहार | २ | पञ्चमृत्तिका | ”
अनुबन्ध चतुष्टय | ३ | मधुरत्रिक | ”
पुस्तक परिचय | ३ | पञ्चामृत | १५
रसवैद्य प्रशंसा | ४ | पञ्चगव्य | ”
रसशाला | ५ | क्षीरत्रय | ”
रसशाला में कर्मविभाग | ६ | दुग्धवर्ग | ”
रसशाला के लिए उपकरण द्रव्य | ६ | तैल वर्ग | १६
परिचारक लक्षण | ८ | कज्जली का स्वरूप | १६
रससिद्ध आचार्यों का नाम | ६ | रसपङ्क ” ” | ”
रसशास्त्र के आचार्य का स्वरूप | ६ | पिष्टिका ” ” | ”
शिष्य का स्वरूप | १० | हिङ्गुलाकृष्ट रस | ”
अनधिकारी शिष्य | १० | धातु सत्त्व लक्षण | १७
द्वितीय तरङ्ग | | वनौषधि सत्त्व ,, | ,,
परिभाषा ज्ञान का फल | १२ | सिक्थ तैल ” | ,,
परिभाषा लक्षण | ११ | द्रावक गण | १८
लवण पञ्चक | ११ | ढालन | ,,
लवणत्रय | ११ | मित्रपञ्चक | ,,
सैन्धव की प्रधानता | १२ | आवाप लक्षण | ,,
क्षारद्वय, क्षारत्रय | ” | निर्वाप ” | १६
क्षार पञ्चक | ” | शुद्धावर्त लक्षण | ,,
क्षाराष्टक | ” | पर्पटी स्वरूप | ,,
मूत्राष्टक | ” | ताडन | २०
गोर्वर | १३ | घोषाकृष्टताम्र | ,,
अम्लवर्ग | १३ | वङ्कनाल | ,,
अम्ल पञ्चक | १४ | स्वाङ्ग शीत लक्षण | ,,