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सर्वकोश
रसार्णव (शैव रस-तन्त्र - प्राचीन भारतीय खनिज रसायन, धातुवाद एवं रस-चिकित्सा सटीक)

रसार्णव (शैव रस-तन्त्र - प्राचीन भारतीय खनिज रसायन, धातुवाद एवं रस-चिकित्सा सटीक)

Rasarnava: Tantric Chemistry and Alchemy with Commentary

शिव-पार्वती संवाद (सम्पादक: प्रफुल्लचन्द्र राय एवं हरीशचन्द्र कविराज) द्वारा

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—श्वेततरङ्गिणी) ११८, १०३ &c.
स्वर्णगैरिक (A sort of ochre,
golden ochre, Beng. lálgeri-
máti) ३६२
स्वर्णपत्ररस (Juice of senna or
सोनामुखी) ३०६
स्वेदन (Application of heat to
the skin or any substance
for inducing perspiration ;
“क्षाराग्नेरौषधैर्वापि दोलायन्त्रे
स्थितस्य हि। पाचनं स्वेदनाख्यं
स्यान् मलशैथिल्यकारकम्॥”—
रसकामधेनु ; “मलापकर्षणात्
स्वेदः”—रसमार्त्तण्ड) १४६
ह
हंसदावी (Probably हंसदाही =
अगुरुचन्दन, see अगुरु) ६२
हंसपाक (An apparatus for
calcination of mercury ; this
is identical with the appa-
ratus described in रसरत्ना-
कर) ४७, १४३, १४४
हंसपाद (d.