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सर्वकोश
रसार्णव (शैव रस-तन्त्र - प्राचीन भारतीय खनिज रसायन, धातुवाद एवं रस-चिकित्सा सटीक)

रसार्णव (शैव रस-तन्त्र - प्राचीन भारतीय खनिज रसायन, धातुवाद एवं रस-चिकित्सा सटीक)

Rasarnava: Tantric Chemistry and Alchemy with Commentary

शिव-पार्वती संवाद (सम्पादक: प्रफुल्लचन्द्र राय एवं हरीशचन्द्र कविराज) द्वारा

DevanagariHindipublished558 पृष्ठ

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एकादशः पटलः । १८३
आरीटो बलमाधत्ते¹ मूर्च्छितो व्याधिनाशनः ।
बद्धेन खेचरोसिद्धिः² मारितेनाजरामरः³ ॥ २१९ ॥
विशेषाद्वाधि⁴शमनो गन्धकेन तु⁵ मूर्च्छितः ।
ओषध्या घातितः⁶ सूतो यथा भूयो⁷ न जोषति ॥ २२० ॥
सहि क्रामति लोहेषु⁸ तेन⁹ कुर्याद्रसायनम् ।
तन्ममाचक्ष्व देवेशि किमन्यच्छ्रोतुमिच्छसि¹⁰ ॥ २२१ ॥
इति श्रीपार्वतीपरमेश्वरसंवादे¹¹
रसार्णवे रससंहितायां
बालजारणो नाम¹²
एकादशः पटलः ॥११॥
(1) K reads चरीटो. M reads चाटौ चपलमाधत्ते, which is senseless.
[For the explanation of आरीट vide र.म.सं. Chap. XI. v. 60.] (2) बद्धस्तु
खेचरीसिद्धिं, a variant in K. बद्धेन खेचरीसिद्धिः, a variant in M.
(3) मारितेन जरामरः, a reading in B and M. मारीतेनाजरामरं, a reading
in K. Both the readings seem to be incorrect. (4) B reads
विशेषाव्याधि. K reads विशेषाव्याधि. (5) The letter तु is not found
in K. (6) K has चौषध्या पातितः. M has चाषध्य (without any
suffix). (7) M reads पतेद्भूयो. (8) स सहि क्रमति लोहेषु, a
variant in B, wherein the first स is redundant. K reads देहेषु.
(9) K reads न instead of तेन. (10) K reads मर्हसि. (11) This
is wanting in B and M. (12) B, K and M read बालजारण नाम :
but this is not strictly correct.
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