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सर्वकोश
रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)

रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)

Rasaratna Samuchchaya Hindi

रस-वाग्भटाचार्य (टीकाकार: पं. अम्बिकादत्त शास्त्री) द्वारा

स्रोत: Rasaratna Samuchchaya with Suratnojjvala Hindi Commentary by Pt. Ambika Datta Shastri (1939) (उद्गम)

DevanagariHindipublished362 पृष्ठ

पृष्ठ 60, कुल 362 में से

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पृष्ठ 60

॥ श्रीः ॥

विमर्शानुक्रमणिका-

विषया:पृष्ठाङ्का:विषया:पृष्ठाङ्का:
जारणलक्षणम्६रसकर्पूरकीप्राचीननिर्माणविधि२९
ग्रसनप्रकार:७रसकर्पूरकीनव्यनिर्माणविधि३०
मूर्च्छनाप्रकार:८प्राकृतिकपारद३१
बन्धनप्रकार:”पारदरजतमिश्रक”
भस्मकरणप्रकार:”टेट्राहाईड्राइट”
रसायनलक्षणम्९परीक्षा”
गौतमोक्तअष्टगुण११पारदप्राप्ति के कुछ गौण खनिज”
ब्रह्मज्ञानोपाय१२लिविङ्ग्स्टोनाईट”
सदाचारनिर्देश”बासैनाईट३२
दोषगणना१६ग्वाडलकाजाराईट”
रसायनलक्षणम्”टर्लिंग्ग्वाईट३३
अष्टादशसंस्कारा:”इग्लेस्टोनाईट”
नागादिअष्टदोष१८क्लेनाइट”
पर्पटादि सप्तकञ्चुकदोष”मोजेसाइट”
रसरक्षामन्त्र:”मोन्ट्रोयडाईट”
ध्यानप्रकार:”रिमेनाइट”
पारदीयविमर्श:२०ओनोफ्राइट”
पारदकी उपस्थिति२१कोलोरेडोआईट”
पारदकोसर्वप्रथमप्राप्ति२३लेहरबेकाइट३४
पारदनिकालनेयोग्य खनिज२७आयौडीराइट”
हिङ्गुल:”पारदीयखनिजप्राप्तिकेस्थान३५
चर्मार:२८वृटिशबोर्नियों”
हीरकद्युति:”भारतवर्ष”