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सर्वकोश
रामप्रसाद 'बिस्मिल' की आत्मकथा (काकोरी के अमर शहीद की जेल डायरी व आत्मकथा)

रामप्रसाद 'बिस्मिल' की आत्मकथा (काकोरी के अमर शहीद की जेल डायरी व आत्मकथा)

Autobiography of Ram Prasad Bismil

पं. रामप्रसाद 'बिस्मिल' (सम्पादक: बनारसीदास चतुर्वेदी) द्वारा

DevanagariHindipublished128 पृष्ठ

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Uploaded By Rajesh Tanti.

गांधी जी का जन्तर
तुम्हें एक जन्तर देता हूं । जब भी तुम्हें सन्देह
हो या तुम्हारा अहम् तुम पर हावी होने लगे,
तो यह कसौटी आजमाओ :
जो सबसे गरीब और कमजोर आदमी तुमने
देखा हो, उसकी शक्ल याद करो और अपने
दिल से पूछो कि जो कदम उठाने का तुम विचार
कर रहे हो, वह उस आदमी के लिए कितना
उपयोगी होगा । क्या उससे उसे कुछ लाभ
पहुंचेगा ? क्या उससे वह अपने ही जीवन और
भाग्य पर कुछ काबू रख सकेगा ? यानि क्या
उससे उन करोड़ों लोगों को स्वराज्य मिल
सकेगा जिनके पेट भूखे हैं और आत्मा अतृप्त है ?
तब तुम देखोगे कि तुम्हारा सन्देह मिट रहा
है और अहम् समाप्त होता जा रहा है ।
[हस्ताक्षर: म० क० गांधी / M. K. Gandhi]