राजतरंगिणी (महाकवि कल्हण - सम्पूर्ण काश्मीर व भारत राजवंश इतिहास)
Rajatarangini of Kalhana with Hindi Translation
महाकवि कल्हण / पं. रघुनाथ सिंह द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें- ज -
[बायाँ स्तम्भ]
लिं० = लिंग पुराण
वराह = वराह पुराण
वा० सं० = वाजसनेयिसंहिता
वायु० = वायु पुराण
विलसन० = विलसनकृत हिन्दू हिस्ट्री आव काश्मीर
ब्रीज० = नीलमत पुराण रोमन, ब्रीज संस्करण
विष्णु० = विष्णु पुराण
विष्णु० ध० = विष्णु धर्मोत्तर पुराण
ब्यूलर० = रिपोर्ट जर्नल आफ दि रायल एशियाटिक
सोसाइटी आफ बाम्बे सं० १४:१८७७
श० = शल्यपर्व ( महाभारत )
श० ब्रा० = शतपथ ब्राह्मण
शा० = शान्तिपर्व ( महाभारत )
शि० = शिवपुराण
[दायाँ स्तम्भ]
शि० सं० = शिव शत रुद्र संहिता
शु० = शुक्रनीति
शु० =
स० = सभापर्व ( महाभारत )
सं० गृ० = सांख्य गृहोक्त नाटक
संहिता० = बृहत् संहिता
स्कन्द० = स्कन्द पुराण
स्टीन० = स्टीन एम० ए० द्वारा अनूदित कल्हण की
राजतरंगिणी
हरिवंश० = हरिवंश पुराण
हि० = हिस्ट्री
ह्यूगेल० = ह्यूगेल कृत काश्मीर एण्ड दण शेष दर ग्रीक
हुयेनसांग० = दी लाइफ आफ हुयेनसांग