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सर्वकोश
पूर्णप्रज्ञ भाष्य (श्रीमन् मध्वाचार्य - द्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य जगन्नाथदीपिका सटीक)

पूर्णप्रज्ञ भाष्य (श्रीमन् मध्वाचार्य - द्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य जगन्नाथदीपिका सटीक)

Purnaprajna Bhashya of Sriman Madhvacharya with Commentary

श्रीमन् मध्वाचार्य (टीकाकार: जगन्नाथ यति / गोपालकृष्णाचार्य) द्वारा

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पुटे. पङ्क्तौ. अशुद्धम्. शुद्धम्.
५६३ १६ महाना. ३५. महाना. १६-२०.
५६४ २८ विस्सृजिति विसृजति
५६५ १३ निर्दुखत्व निर्दुःखत्व
५६९ ६ प्रन्धविरुद्धं ग्रन्थविरुद्धं
” १६ अभावा आभावा
” १७ प्रमाणाभावा प्रमाणसद्भावा
५७२ ६ तुच्छयेना तुच्छेन
५७३ १ एतस्मिम् एतस्मि
” २ पश्यति कश्चन पश्यति नैनं पश्यति कश्चन
” ९ तुच्छद्येनेति तुच्छेनेति
” २० पैङ्गीनां पैङ्गिनां
५७५ ५ चिदात्मानो विनष्टाः चिदात्मानोऽविनष्टाः
५७९ २१ प्रावेशयति प्रवेशयति
५८१ १७ ष्ण्वैक ष्ण्वेक
५८२ २३ जायते जायेते
५८८ २

पूर्णप्रज्ञ भाष्य (श्रीमन् मध्वाचार्य - द्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य जगन्नाथदीपिका सटीक) · पृष्ठ 1260, कुल 1267 में से · SarvaKosh