प्रियदर्शिका नाटिका (सम्राट हर्षवर्धन - चतुरङ्क शास्त्रीय नाटिका सान्वय सटीक)
Priyadarshika Natika of Emperor Harsha with Commentary
सम्राट हर्षवर्धन द्वारा
( 54 )
प्रेक्षणीयक 35 | लम्बित 38
प्रेक्षा 32 | लय 38
प्रेक्षागार 29 | वज्रलेप 59
प्रेक्षागृह 29 | वलभी 46,49
बन्धन 5,6,37 | वस्तु 2, 3
बन्धुजीव 44 | वादिन 37
बन्धूक 13 | वामक 37, 55
बर्ह 10 | वामन 48
बोध 50 | वारविभ्रमकणी 10
ब्राह्मण 12 | वारुणी 13
भाषित 33 | वासन 59
भिन्न 44 | वाहन 8
भूमिका 3,23,33 | विश्ल 16
भ्रूभङ्ग 44,50 | विगलित 44
मकरन्द 55 | विकृ caus. 50
मज्जन 10 | विन्ध्यमान 39
मञ्च 10,38,49 | विद्रुम 16,40
मन्यु 47 | विधि 49
मनोरथ 34 | विपत्ति 4
मरकत 14 | विपद् 4
महाब्राह्मण 12 | विभव 58
महार्घ 15 | विमर्द 8
मानस 37 | विमर्दित 8
मालती 26 | विमानित 32
मुकुलाय् 14 | विलक्ष 35,49
मुग्ध 50 | विशद 57
मुधा 44 | विधव्य 23
मुरज 42 | विषमा 53
मूर्त 17 | विषय 50
यत्सत्यं 9,16,51 | विषाद 20,41,47
यति 38 | वीणा 35
रन्ध्र 4 | वृन्त 13
राग 22,27,40 | वेदना 56
लघु 20,54,55 | वैतालिक 10
ललाटुका 26,29 | वैलक्ष्य 43
( 55 )
व्यक्ति ३८ | समाश्वासन २२
व्यञ्जन ३८ | समुदित ३,४८
व्यतिकर ४० | संप्रहार ८
व्यपदेश ५४ | संभ्रम ३५,४९
व्यसनिता ५ | सश्रीकता १३
व्याकुल १ | सहधर्मचारिणी ९
व्रीडित ९ | सान्द्र ३६,५५
शफर १० | सामाजिक ३
शब्दाय् ११ | सारङ्ग् ३३
शरण ५० | सीद् २
शातकुम्भ १० | सेव्यो १
शार्दूल १४ | सौध १६
शिशान ३२ | स्खलित ३१
शिशिर ४० | स्तिमित ५०
शीतांशु ३४ | स्थगन १३
शून्य ३४ | स्नानीय १०
शेफालिका १३,१४,१५ | स्फोटित ६
श्री १४,२२ | स्वस्तिक ३२
संघट्ट ४८ | स्वस्तिवाचन ११,१२,१५
सत्त्व ३६ | हताशा ४२, ५२
संदोह ४८ | हरिन् ३
सप्तच्छद १३ | हिम ५५
सप्तार्चि १४ | हृत ४९,५०
सफलय् ५ | ह्लाद १६,३०
समर ४८ | ह्राद १६
| ह्रादिनि ४०