पृथ्वीराजविजय महाकाव्यम् (कवि जयानक - अजमेर चौहान साम्राज्य एवं सम्राट् पृथ्वीराज इतिहास)

पृथ्वीराजविजय महाकाव्यम् (कवि जयानक - अजमेर चौहान साम्राज्य एवं सम्राट् पृथ्वीराज इतिहास)
Prithvirajavijaya Mahakavya of Jayanaka with Commentary
कश्मीरी कवि जयानक (टीकाकार: जोनरराज) द्वारा
DevanagariHindipublished330 पृष्ठ
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crossed after ˚न्ये. 2 Ms. ˚रच्छे˚. 3 Ms. ˚वर˚.
Line 24:
4 Is it ˚ष्ठोयम˚?. 5 Ms. ˚धान्व˚ See p. 168, note 5. 6 Is it यदहरत ल˚?
Line 25:
or यदनयत ल˚?. 7 Is it ˚दहरत˚? or ˚दनयत˚?
Wait, let's check footnote 1:
"1 Ms. इत्याख्याहारः crossed after ˚न्ये."
Wait, "इत्याख्याहार:" or "इत्याख्याहारः"? It's a visarga: "इत्याख्याहारः".
Let's check footnote 4:
"4 Is it ˚ष्ठोयम˚?."
Wait, "˚ष्ठोयम˚?." or "˚ष्ठेोयम˚?."?
Look at line 24:
"4 Is it ˚ष्ठोयम˚?."
Wait, is there an extra matra? "˚ष्ठोयम˚?." - standard Devanagari ष्ठो.
Let's check footnote 2:
"2 Ms. ˚रच्छे˚."
Footnote 3:
"3 Ms. ˚वर˚."
Footnote 6 & 7:
"6 Is it यदहरत ल˚?"
"or य