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पृथ्वीराज रासो (सटीक हिन्दी व्याख्या)

पृथ्वीराज रासो (सटीक हिन्दी व्याख्या)

Prithviraj Raso by Chand Bardai with Hindi Commentary

महाकवि चन्दबरदाई / कविराज मोहनसिंह द्वारा

DevanagariHindipublished470 पृष्ठ

पृष्ठ 14, कुल 470 में से

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पृष्ठ 14

१२ सूचीपत्र ।
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१९ सेना का वर्णन ॥ ... ... ... ... ... ३३८ "
२० पिता की आज्ञा लेकर अष्टमी को पृथ्वीराज का लड़ाई के लिये यात्रा करना ॥ ... २४० "
२१ नाहरराय के दूतों का पृथ्वीराज की चढ़ाई और सेनाबल का समाचार नाहर राय को देना ॥ " ३०४
२२ पृथ्वीराज का प्रताप सुन कर नाहर राय का चौकन्ना होना ॥ ... ३४१ ३०६
२३ अपने सरदारों से नाहर राय का कहना कि अब क्या करना चाहिये पहिले चौहानों से हमसे
और बात थी पर अब तो बिगड़ गई ॥ ... ... ... " "
२४ सरदारों का कहना कि लड़ना चाहिए ॥ ... ... ... ३४२ "
२५ नाहर राय का कहना कि आगे से बढ़कर एक बारगी उन पर चढ़ाई करना चाहिये नहीं ३०७
तो जीत न होगी ॥ ... ... ... ... " "
२६ नाहर राय का सेना सजना ॥ ... ... : ... ... " "
२७ पृथ्वीराज की सेना की प्रशंसा ॥... ... ... ... ३४३ "
२८ पृथ्वीराज का आगे से बढ़कर लड़ने के लिये सोभनराय को आज्ञा देना ॥ " ३०८
२६ सोभन राय का उत्तर दे कहना कि नाहरराय का पथ बांधा सो वह रणभूमि को तिरछी
छोड़ कहीं चला गया ॥ ... ... ... " "
३० सबेरे नाहरराय के भग जाने पर सांझ को पृथ्वीराज का पहुंचना और उसकी खोज करना ॥ ३४४ ३११
३१ चालुक के प्रधान (टीथान) के घर नाहरराय का पता मिलना और सामन्त सहित पृथ्वीराज
का नदी उतरना ॥ ... ... ... " ३१५
३२ सुभट सहित सेना में पृथ्वीराज कैसा शोभता है ॥ ... ... ३४५ "
३३ पृथ्वीराज के पास पहुंचने का समाचार नाहरराय का सुनना और सेना इकट्ठी करना ॥ " ३१५
३४ घाटी पर पर्षतराव को रास्ता रोकने के लिये भेजना ॥ ... ... " "
३५ पर्षतराय का घाटी रोकना ॥ ... ... ... ... " "
३६ पर्षतराय कैसे घाटी रोक कर बैठा है ॥ ... ... ... ३४६ "
३७ घाटी रुकने का समाचार पृथ्वीराज को मिलना ॥ ... ... ... " ३१६
३८ क्रोध करके पृथ्वीराज का पर्षतराय से लड़ने को कन्ह चौहान को भेजना ॥ ... " "
३६ कन्ह का पर्षत से युद्ध और उसमें पर्षत राय का मारा जाना ॥ ... ... ३४७ "
४० पर्षत के मारे जाने पर नाहरराय का स्वयं टूट पड़ना ॥ ... ... ३४८ ३१७
४१ पृथ्वीराज का भी चढ़ चलना ॥ ... ... ... ... " ३१८
४२ इधर पृथ्वीराज इधर नाहर राय का सन्मुख युद्ध ॥ ... ... ... ३४६ "
४३ उसमें पृथ्वीराज का नाहरराय के घोड़े को मार डालना ॥ ... ... ३५० "
४४ रनबीर का सन्नुख हो पृथ्वीराज से जुद्ध करना ॥ ... ... ... " २१६
४५ मोछन परिहार और पवांर का सम्मुख हो लड़ना ॥ ... ... ... " "
४६ चामंड का युद्ध ॥ ... ... ... ... ३५१ "
४७ नाहर से नाहर राय का लड़ना ॥ ... ... ... ... ३५२ ३२०
४८ बलराय का खेत में मँडना ॥ ... ... ... ... ३५३
४६ घोर युद्ध वर्णन ॥ ... ... ... ... ... " "
५० लोहाना आजानु बाहु के युद्ध वर्णन ॥ ... ... ... ३५४ "
५१ कन्ह चौहान के युद्ध का वर्णन ॥ ... ... ... ३६६
५२ नाहरराय का भागना और पृथ्वीराज का पीछा करना ॥ ... ... ३६२ ३२१
५३ पट्टन में पृथ्वीराज का राज्याभिषेक होना ॥ ... ... ... ३६३ "
५४ नाहर राय का हार कर अपनी कन्या का विवाह का लग्न लिखवा कर भेजना ॥ ३६४
५५ पृथ्वीराज का ब्याहने को जाना ॥ ... ... ... ३६५
५६ पृथ्वीराज का तोरन की वंदना करना ॥ ... ... ... " ३२२
५७ पृथ्वीराज का नाहर राय की कन्या से विवाह होना ॥ ... ... " "
५८ नाहर राय का कहना कि आपके काम में सीस देने के सिवाय और कुछ देने के योग्य हम नहीं हैं ॥ ३६६ "
५६ नाहर राय की कन्या का गुण और रूप वर्णन ॥ ... ... ... " "
६० पृथ्वीराज का जीत कर स्त्री के साथ लौटना ॥ ... ... ... " "
६१ पृथ्वीराज का ग्यारह डोलों सहित होना ॥ ... ... ... ३६७ ३२३