प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)
The Paleography of India by G.H. Ojha
रायबहादुर पण्डित गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा
पृष्ठ 236, कुल 318 में से
संदर्भ में पढ़ेंPlate IX. लिपिपत्र नवमा.
सातवाहन (आन्ध्र) वंशी राजाओं के नासिक के लेखों से
(ई. स. की दूसरी शताब्दी).
वासिष्ठीपुत्रपुळुमायि के ४ लेखों से.
अ आ इ उ ए ऐ ओ क ख ख ख ग घ च कृ ज
[तदनुरूप ब्राह्मी वर्ण]
ज झ ञ ट ठ ड ढ ण त त थ द ध ध न प ब
[तदनुरूप ब्राह्मी वर्ण]
भ म य य र ल व स ह ळ मा वा गि डि रि यि भि
[तदनुरूप ब्राह्मी वर्ण]
वी कु खु तु नु सु ळु भू सू खे ले गो मो लो गृह म्हा ह्य
[तदनुरूप ब्राह्मी वर्ण]
गौतमीपुत्रयज्ञशातकर्णी के लेख से. गौतमीपुत्रशातकर्णी के २ लेखों से.
ठ त त द प ले जो इ ग ग च च ट ड त त
[तदनुरूप ब्राह्मी वर्ण]
त द द ध ध न भ य दा डो रु भू खे धो लो ण्ह स्वा
[तदनुरूप ब्राह्मी वर्ण]
[नासिक अभिलेख अनुकृति - पंक्ति १]
[नासिक अभिलेख अनुकृति - पंक्ति २]
[नासिक अभिलेख अनुकृति - पंक्ति ३]
[नासिक अभिलेख अनुकृति - पंक्ति ४]
[नासिक अभिलेख अनुकृति - पंक्ति ५]
CC-0.Dwivedi Lok Hitkari Pustakalaya, Ghaziabad. Digitized by eGangotri