प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)

प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)
The Paleography of India by G.H. Ojha
रायबहादुर पण्डित गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा
DevanagariHindipublished318 पृष्ठ
पृष्ठ 229, कुल 318 में से
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Plate II. लिपिपत्र दूसरा.
मोर्य्यवंशी राजा अशोक के अन्य लेखों से उद्धृत किये हुए मुख्य मुख्य अक्षर.
(ई. स. पूर्व की तीसरी शताब्दी).
देहल्ली के शिवालिक स्तंभ के लेख से.
अ आ ओ ख च ज ठ द ध म स जा पिं नी ख्य ध्य भ्युं
𑀅 𑀆 𑀑 𑀔 𑀘 𑀚 𑀞 𑀤 𑀥 𑀫 𑀲 𑀚𑀸 𑀧𑀺𑀁 𑀦𑀻 𑀔𑁆𑀬 𑀥𑁆𑀬 𑀪𑁆𑀬𑀼𑀁 .
खालसी के चटान के लेख से.
अ अ उ ए ए ख ख ग घ कू ज ज ज ड त ल ल गू
𑀅 𑀅 𑀉 𑀏 𑀏 𑀔 𑀔 𑀕 𑀖 𑀓𑀽 𑀚 𑀚 𑀚 𑀟 𑀢 𑀮 𑀮 𑀕𑀽
गू गू गू ष ष स ह ता शा शि तु खे गे ले व्य ह्म
𑀕𑀽 𑀕𑀽 𑀕𑀽 𑀱 𑀱 𑀲 𑀳 𑀢𑀸 𑀰𑀸 𑀰𑀺 𑀢𑀼 𑀔𑁂 𑀕𑁂 𑀮𑁂 𑀯𑁆𑀬 𑀳𑁆𑀫 .
जोगड के लेख से. सिद्धापुर. रधिआ. सारनाथ. सांची.
ओ द ल स ह ह अ फ म र खु ड द ह खु
𑀑 𑀤 𑀮 𑀲 𑀳 𑀳 . 𑀅 𑀨 𑀫 𑀭 . 𑀔𑀼 𑀟 . 𑀤 𑀳 . 𑀔𑀼 .
𑀤