प्रबोधसुधाकर (हिन्दी अनुवाद सहित)
Prabodhasudhakara with Hindi Translation - Gita Press
आदि शङ्कराचार्य द्वारा
स्रोत: गीताप्रेस गोरखपुर · गीताप्रेस गोरखपुर · 1940 (उद्गम)
प्रारंभिक पृष्ठ व मंगलाचरण
ॐ
श्रीआद्यशङ्कराचार्यविरचित
प्रबोधसुधाकर
हिन्दी-अनुवादसहित
अनुवादक—
मुनीलाल
प्रकाशक—
गीताप्रेस, गोरखपुर
मूल्य ≡)॥ साढ़े तीन आना
मुद्रक तथा प्रकाशक
घनश्यामदास जालान
गीताप्रेस, गोरखपुर
सं० १९८८ प्रथम संस्करण ३२५०
सं० १९९० द्वितीय संस्करण ३०००
सं० १९९३ तृतीय संस्करण २०००
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अनन्त प्रेमार्णव
ॐ
पुष्पाञ्जलि
माटी-मिस जिन मातु बिस्व मुखमें दिखरायौ ।
लुक-छिप माखन खाय मोद ब्रज-बधुन बढ़ायौ ॥
ग्वाल-करनको कौर छीनि जिन रुचि-रुचि खायौ ।
बनि रसिकन-सिरताज मदन-मद धूरि मिलायौ ॥
जो लीला-रस विस्तार-हित निरगुन प्रगटे सगुन ह्वै ।
उन ललित-ललन नँदनँदनके पद-पदुमन यह सुमन है ॥
—अनुवादक
(इस पृष्ठ पर कोई पाठ (text) उपलब्ध नहीं है, केवल भगवान श्रीकृष्ण का चित्र है।)