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प्रबन्धचिन्तामणि (गुजरात, मालवा व चालुक्य ऐतिहासिक प्रबन्ध)

प्रबन्धचिन्तामणि (गुजरात, मालवा व चालुक्य ऐतिहासिक प्रबन्ध)

Prabandha Chintamani with Hindi Translation

मेरुतुङ्गाचार्य (१३०४ ई.) / पं. हजारीप्रसाद द्विवेदी द्वारा

DevanagariHindipublished181 पृष्ठ

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प्रबन्धचिन्तामणि
(१०) मयूर, बाण और मानतुङ्गाचार्यका प्र० .... .... .... ५४
(११) गूर्जर देशकी विदग्धताका प्र० .... .... .... ५६
(१२) अनित्यता संबंधी ४ श्लोकोंका प्र० .... .... .... ५७
(१३) भोजका भीमके पास ४ वस्तुयें माँगना .... .... .... ,,
(१४) बिजौरे नींबूका प्र० .... .... .... ५८
(१५) 'एक अच्छा नहीं है' प्र० .... .... .... ५९
(१६) इक्षुरसका प्रबन्ध .... .... .... ,,
(१७) घुड़सवारीका प्रबन्ध .... .... .... ,,
(१८) गोपगृहिणीका प्रबन्ध .... .... .... ६०
(१९) भोज और कर्णका संघर्ष .... .... .... ,,
(२०) कर्णसे भीमका आधा भाग लेना .... .... .... ६३

  • तीसरा प्रकाश -
    ८ सिद्धराजादि प्रबन्ध .... ... .... .... ६४-९१
    (१) मूलराज कुमारकी प्रजावत्सलताका प्रबन्ध .... .... ६४
    (२) कर्णराजा और मयणल्ला देवीका वृत्तान्त .... .... ६५
    (३) सिद्धराज जयसिंहका जन्म .... .... .... ६६
    (४) सिद्धराजका राज्य-वर्णन - लीला वैयका प्रबन्ध .... .... ६७
    (५) उदयन मंत्रीका प्रबन्ध .... .... .... ,,
    (६) सान्तू मंत्रीका प्रबन्ध .... .... .... ६८
    (७) मयणल्ला देवीका सोमेश्वरकी यात्रा करना .... .... ,,
    (८) सिद्धराजका मालवाके साथ संघर्ष .... .... ६९
    (९) सिद्धराज और हेमचन्द्राचार्यका मीलन .... .... ७१
    (१०) सिद्धराजका सिद्धपुरमें रुद्रमहालय बनवाना .... .... ७२
    (११) ,, पाटनमें सहस्रलिंग सरोवर बनवाना .... .... ७३
    (१२) ,, सौराष्ट्रके राजा खंगारको विजय करना .... ७६
    (१३) ,, शत्रुंजयकी यात्रा करना .... .... .... ७७
    (१४) वादी श्रीदेवसूरिका चरित्र वर्णन .... .... ७८-८२
    (१५) पत्तनके वसाह आंबडका वृत्तान्त .... .... .... ८२
    (१६) सिद्धराजकी तत्त्वजिज्ञासा और सर्वदर्शन प्रति समान दृष्टि .... ८३
    (१७) सिद्धराजका प्रजाजनोंके साथ उदार व्यवहार .... .... ८४
    (१८) लक्षाधिपतिको क्रोड़पति बना देना .... .... ,,
    (१९) सिद्धपुरके ब्राह्मणोंका कर माफ करना .... .... ८५
    (२०) वाराहीके पटेलोंको मूचाका विरुद देना .... .... ,,
    (२१) उंझाके ग्रामणींसे वार्तालाप .... .... ... ,,