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सर्वकोश
पाटीगणित (श्रीधराचार्य - प्राचीन संस्कृत टीका एवं प्रो. कृपाशंकर शुक्ल सविस्तार व्याख्या)

पाटीगणित (श्रीधराचार्य - प्राचीन संस्कृत टीका एवं प्रो. कृपाशंकर शुक्ल सविस्तार व्याख्या)

Patiganita of Sridharacharya with Commentary

श्रीधराचार्य (सम्पादक: प्रो. कृपाशंकर शुक्ल) द्वारा

DevanagariHindipublished337 पृष्ठ

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अनुक्रमणिका २८
योजन ६, ४०, ४१, ४८, ८५, ८६, वर्ष ६, ४६
८८, ११६, १३६ वल्याः सवर्णन ३५
रक्तिक ४३ बहुराशिपक्ष ४५
राशि १४ विकल १२६, १२८, १३०
राशि (व्यवहार) २ विपक्व ६६
रूप १० विपक्वकनक ६४
रूपविभाग १३ विपरीत १०६
रूपादिचय ६७ विपरीतीकृत ५०
लक्ष ५ विभाज्य १४
लम्ब १०८-११०, १५६, १६१, १६२, विलोमगति १३
१६५, १६७, १७१, १७२ विवर ११, १४१
लम्बक १०७, १०९, १६४ विश्लेष १४१
लेखक ५५, विषम १३४
वक्त्र १०८, १६१ विषमचतुरश्र १५६
वक्रगति १५६ विषमपद १८
वज्र १७१, १७३ विषमबाहु १७५
वज्रवत् १०८ विष्कम्भ ४४
वदन १०६, १५३, १६१, १६५, १६७, विस्तार १०७
१७३ वृत्त १५६
वध १६, ३०, ३४, ६४, ६७, ६८ वृत्ति ५५
वराटक ५, ३५ वृद्धि (=चय) १४५
वर्ग २, ६, १६, १८, २१, २७, ६५, वृद्धि १२६, १३६, १४८, १५२, १५३
१०३, १०६, १२५ १५०, १५३, वृद्धिधन ५३
१७५ व्यत्यास ४५
वर्गमूल १७५ व्ययराशि २५
वर्गयुति १५२ व्यवकलित २, ११, २५
वर्गसङ्कलित १५०, १५३, व्यवकलितपद ११
वर्ण ६३, ६४, ६६-६९, ७१, ७२ व्यवकलितशेष ११, १२
वर्णक ४३, ४४, ४७, ६३, ६४, ६६, व्यवहार २
६७, ७१ व्यस्त ७१
वर्णमालिका ६६ व्यस्त (त्रैराशिक) २
व्यास ४८, ४६