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सर्वकोश
पञ्चसिद्धान्तिका (आचार्य वराहमिहिर - सूर्य, रोमक, पौलिश, वासिष्ठ एवं पितामह सिद्धान्त)

पञ्चसिद्धान्तिका (आचार्य वराहमिहिर - सूर्य, रोमक, पौलिश, वासिष्ठ एवं पितामह सिद्धान्त)

Panchasiddhantika of Acharya Varahamihira with Commentary

आचार्य वराहमिहिर द्वारा

DevanagariHindipublished419 पृष्ठ

पृष्ठ 375, कुल 419 में से

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पृष्ठ 375

XVIII.53 XVIII. VĀSIṢṬHA-PAULIŚA – RISING AND SETTING 349
52. In Aquarius, the gati-s are:

DegreesMinutesTextual (° ')Calculated (° ')
1. Rise to Retro.=202220 2220 22
2. Retro.20 + 1=211521 1521 15
3. Retro. to Set.=435543 5546 55
4. Set. to Rise.2 × 12=246025 0027 51
[मीनः]
मीनेऽ['ष्टादश']मह्नां 'शशि'-'विषय'-युता 'हुताश' [सागरकाः] ।
'त्र्यष्टकाः' 'कृति' ('विश्वं' स्यात्) 'शतार्ध' मे'कोनमंशाः स्युः ॥ ५३ ॥
  1. In Pisces, the gati-s are:
    | | Degrees | Minutes | Textual (° ') | Calculated (° ') |
    | :--- | :---: | :---: | :---: | :---: |
    | 1. Rise to Retro. | 18 + 1=19 | 20 | 19 20 | 19 19 |
    | 2. Retro. | 18 + 5=23 | 13 | 23 13 | 23 14 |
    | 3. Retro. to Set. | 43=43 | 50 | 43 50 | 43 52 |
    | 4. Set. to Rise | 3 × 8=24 | 49 | 24 49 | 24 47 |
    [बुधगतीनां निर्णयः]
    (अस्तो)दयान्तरांशा बुधस्य दिवसाश्चतुर्थ [या] गत्या ।
    उदयाद् वक्रं प्रथमा तृतीयगत्याऽऽनुवक्र(मस्तमयान्तम्) ॥ ५४ ॥
    52a. A.कुंभेह्ना. A1.त्रिंशत्या; D.त्रिकृत्या
    b. A.B.दगतभुग्विदेवदिननाथैः; C.D.हुतभुग् द्विवेद (D.दिनेश) दिननाथैः
    d. A.B.C.पञ्चवर्गमथाब्ध्रिका षष्टिः (C.र्गमर्थाब्ध्रिका)ः D.पञ्चवर्गं सुराधिपाः षष्टिः
    53b. A.B.C.D.मीने त्र्यष्टकमह्नां
    b. for सागरका;, A1.संशरं; B1.शशीष्टं, B2.शासशिष्टं; B3.शशीरं; C.D.संयुक्तम्
    c. A.B.C.D.त्र्यष्टककृतिर्विंशत्या (D.विंशत्याः)
    d. B2.शनार्थ. A.B. मष्टां स्युः