न्यायमञ्जरी: प्रथम भाग (आचार्य जयन्त भट्ट - पं. सूर्यनारायण शुक्ल सम्पादित, काशी संस्कृत ग्रन्थमाला)
Nyayamanjari of Jayanta Bhatta Part 1
आचार्य जयन्त भट्ट (सम्पादक: पं. सूर्यनारायण शुक्ल) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंन्यायमञ्जर्यां परिगृहीतग्रन्थनामानि—
पृ० पं० ग्रन्थाः | पृ० पं० ग्रन्थाः
२ १६ अथर्ववेदः | २१४ १२ भारतम्
२२६ ३१ आयुर्वेदः | २३२ १ मनुस्मृतिः
२ १६ ऋग्वेदः | २९७ ७ महाभाष्यम्
५ २८ गौतमसूत्रम् | १८४ १३ मुण्डकोपनिषद्
२३२ २६ छान्दोग्योपनिषद् | २ १६ यजुर्वेदः
१९२ २३ जैमिनिसूत्रम् | ४ ५ याज्ञवल्क्यस्मृतिः
३६ १५ तन्त्रवार्तिकम् | १८५ १७ योगसूत्रम्
२३३ ११ तैत्तरीयब्राह्मणम् | ९६ १ रामायणम्
१९३ १ नारदस्मृतिः (द्वि० भा०) | ७६ १ वाक्यपदीयम्
२३१ २८ नारायणोपनिषद् | २९३ २० वैशेषिकसूत्रम्
५६ २ न्यायभाष्यम् | २३१ २८ शतपथब्राह्मणम्
२१२ ११ न्यायवार्तिकम् | १६ १२ शाबरभाष्यम्
२४२ १२ पाञ्चरात्रम् | १६ १३ श्लोकवार्तिकम्
१२४ २० प्रशस्तपादभाष्यम् | १८३ १७ श्वेताश्वतरोपनिषद्
२३३ ९ ब्रह्मोपनिषद् | ५४ १४ सांख्यकारिका (द्वि० भा०
१८४ ७ भगवद्गीता | २ १६ सामवेद