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सर्वकोश
न्यायमञ्जरी: प्रथम भाग (आचार्य जयन्त भट्ट - पं. सूर्यनारायण शुक्ल सम्पादित, काशी संस्कृत ग्रन्थमाला)

न्यायमञ्जरी: प्रथम भाग (आचार्य जयन्त भट्ट - पं. सूर्यनारायण शुक्ल सम्पादित, काशी संस्कृत ग्रन्थमाला)

Nyayamanjari of Jayanta Bhatta Part 1

आचार्य जयन्त भट्ट (सम्पादक: पं. सूर्यनारायण शुक्ल) द्वारा

DevanagariHindipublished654 पृष्ठ

पृष्ठ 546, कुल 654 में से

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पृष्ठ 546

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Line 1:
१३२ न्यायमञ्जर्याम्

Line 2:
प्रमातुः प्रमाणानि प्रवर्तमानानि प्रमेयमर्पयितुं पारयन्तीति सम्भावना शक्त्य-

Line 3:
प्राप्तिः साऽपि तथैव न वाक्यावयवं स्पृशेत्, (तत्त्वावधारणफलात्मकं प्रयोज-

Line 4:
नमपि न वाक्यैकदेशः ?) संशयव्युदासस्तु प्रतिपक्षोपालम्भः, स च वचनस्व

Line 5: