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न्यायमञ्जरी: प्रथम भाग (आचार्य जयन्त भट्ट - पं. सूर्यनारायण शुक्ल सम्पादित, काशी संस्कृत ग्रन्थमाला)

न्यायमञ्जरी: प्रथम भाग (आचार्य जयन्त भट्ट - पं. सूर्यनारायण शुक्ल सम्पादित, काशी संस्कृत ग्रन्थमाला)

Nyayamanjari of Jayanta Bhatta Part 1

आचार्य जयन्त भट्ट (सम्पादक: पं. सूर्यनारायण शुक्ल) द्वारा

DevanagariHindipublished654 पृष्ठ

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ह रि दा स सं स्कृ त ग्र न्थ मा ला स मा ख्ये-
काशीसंस्कृतसीरिज्पुस्तक्रमालायाः
१०६
न्यायविभागे (१५) पञ्चदशं पुष्पम् ।

  • श्रीः *
    न्यायमञ्जरी ।
    गौतमसूत्रतात्पर्यविवृतिः ।
    पदवाक्यप्रमाणपारावारपारीण श्रीजयन्तभट्टकृता ।
    वाराणसेयराजकीयसंस्कृतपाठशालानव्यप्राच्यन्यायशास्त्राध्यापकेन
    न्यायव्याकरणाचार्यसूर्य्यनारायणशर्मशुक्लेन
    विषमस्थल विवरणपूर्वकं सम्पादिता ।
    प्रकाशकः-
    जयकृष्णदास हरिदास गुप्तः-
    चौखम्बा संस्कृत सीरिज़ आफिस,
    बनारस सिटी ।
    सं० १९९२ वै.
    [ सर्वेऽधिकाराः प्रकाशकेन स्वायत्तीकृताः ।