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सर्वकोश
नलचम्पू / दमयन्ती-कथा (त्रिविक्रम भट्ट - विषमपदप्रकाश व्याख्या सहित सम्पूर्ण ७ उच्छ्वास)

नलचम्पू / दमयन्ती-कथा (त्रिविक्रम भट्ट - विषमपदप्रकाश व्याख्या सहित सम्पूर्ण ७ उच्छ्वास)

Nala Champu (Damayanti Katha) of Trivikrama Bhatta with Commentary

त्रिविक्रम भट्ट द्वारा

DevanagariHindipublished258 पृष्ठ

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पृष्ठ 248

२२६ नलचम्पूः ।
श्रीप्राग्वाटकुलान्धिवृद्धिशशभृच्छ्रीमान् यशोराज इ-
त्यार्यो यस्य पिता प्रबन्धसुकविः श्रीचण्डसिंहोऽग्रजः ।
श्रीसारस्वतसिद्धये गुरुरपि श्रीलूलिगः शुद्धधीः
सोऽकार्षीद्दमयन्त्युदारविवृतिं श्रीचण्डपालः कृती ॥
इति श्रीचण्डपालविरचिते दमयन्तीकथाविवरणे सप्तम
उच्छ्वासः समाप्तः ॥