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नागानन्दम् (सम्राट हर्षवर्धन - संस्कृत मूल एवं हिन्दी व्याख्या)

नागानन्दम् (सम्राट हर्षवर्धन - संस्कृत मूल एवं हिन्दी व्याख्या)

Nagananda Nataka of Emperor Harsha with Commentary

सम्राट हर्षवर्धन द्वारा

DevanagariHindipublished309 पृष्ठ

पृष्ठ 34, कुल 309 में से

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पात्र-परिचय
१. जीमूतवाहन = नायक – विद्याधर राजकुमार।
२. विदूषक = आत्रेय नामक, नायक का मित्र।
३. जीमूतकेतु = नायक के पिता, विद्याधरराज।
४. वृद्धा = नायक की माता।
५. मलयवती = नायिका—सिद्धराज विश्वावसु की कन्या।
६. चतुरिका
७. मनोहरिका } = चेटियां।
८. शेखरक = शराबी विट।
६. नवमालिका = नौकरानी; विट की प्रेयसी।
१०. चेट = विट का नौकर।
११. पल्लविका = उद्यान पालिका।
१२. सुनन्द = प्रतिहार, विश्वावसु के घर का नौकर।
१३. कञ्चुकी = वसुभद्र नामी, अन्तः पुर का वृद्ध अधिकारी।
१४. शङ्खचूड़ = एक नाग।
१५. वृद्धा = शङ्खचूड़ की माता।
१६. मित्रावसु = मलयवती का भाई।
१७. गौरी = पार्वती जी।
१८. किङ्कर = नागराज वासुकि का नौकर।
१६. गरुड = पक्षिराज, सांपों का शत्रु।
२०. तापस = शाण्डिल्य नामक मुनि।
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