सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary

भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा

DevanagariRajasthanipublished365 पृष्ठ

पृष्ठ 60, कुल 365 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 60

२३
संत-मत प्रभाव द्योतक पद
राजस्थानी में प्राप्त पद
१ ग्यान कूं बाण बसी हो, म्हॉरा सतगुरु जी हो ५५६ ३०७
२ बडे घर ताली लागी रे ५५७ "
३ चालो अभम के देस, काल देखत डरै ५५८ ३०८
४ राम नाम मेरे मन बसियो ५५९ "
*(१) रसियो राम रिझाऊँ ए माइ . ३०६
५ म्हाँरो जनम मरण रो साथी ५६० "
६ मिलता जाज्यो हो गुरु ज्ञानी ५६१ ३१०
७ आज्यो आज्यो गोविन्द म्हॉरे म्हैल ५६२ ३११
८ आवो आवो जी रग भीना ५६३ "
९ राणो जी गिरधर रा गुण गास्याँ ५६४ "
१० सतगुरु म्हॉरी प्रीत निभाज्यो जी ५६५ ३१२
११ पिया की खुमार, मै तो बावरी भई माय ५६६ "
१२ जागो म्हॉरा, जगपति राइकेँ, हँसि बोलो क्यूं नहि ५६७ ३१३
१३. साँवरियो म्हाने भाँग पिलाई .. .. ५६८ "
१४ प्रभु जी मन माने तब तार . ५६९ "
१५ करना फकीरी तो क्या दिलगीरी ५७० ३१४
मिश्रित भाषाओं में प्राप्त पद
१ कित गयो पछी बोल तो ... .. ५७१ "
२ वाल्हा, मै वैरागिन हूँगी हो ५७२ "
३ हेली, सुरत सोहागिन नार .. ५७३ ३१५
• (१) पिरथिवी माया जल मे पडी ३१६
४ मनख जनम पदारथ पायो, ऐसी बहुर न आता . ५७४ "
५. मै तो हरि चरणन की दासी .. ५७५ ३१७
ब्रजभाषा में प्राप्त पद
१ कोई कछु कहै मन लागा ५७६ ३१८
२ मोहिं लागी लगन गुरु चरनन की . ५७७ "
३ गली तो झाारो बन्द हुई, मैं हरि सो कैसे मिलूं जाय ५७८ "
४ हेरी में तो प्रेम दिवानी, मेरो दरद न जाने कोय . ५७९ ३१९
• (१) राम की दिवानी, मेरो दरद नहिं जाने कोई . "
५. मीराँ मनमानी सुरत सैल असमानी . ५८० "