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मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary

भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा

DevanagariRajasthanipublished365 पृष्ठ

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१६
७ हाँ रे चालो डाकोर माँ जई बसिय - ३७६ २२४
८ सोकलडा नूं साल भरि भोटूं हो जी रे घर माँ ३७७ २२५
९ लेताँ लेता राम नाम रे, लोक बडियाँ तो लाज मरे छे ३७८ '
१० हाँ रे मे तो की धी है ठाकोर थाली रे, पधारो बनमाली ३७९ "
११ कायेकूं न लीयो तब तु काय को न लीयो, ३८० २२६
खड़ीबोली में प्राप्त पद
१ मै तो हरि गुण गावत नाचूंगी ३८१ "
२ मालक कुल आलम के हो, तुम साँचे श्री भगवान ३८२ "
३ कछु लेना न देना मगन रहना ३८४ २२७
४ मीराँ को प्रभु साँची दासी बनाओ ३८५ २२८
विभिन्न बोलियों में प्राप्त पद

  • १ वन्दे वन्दगी मत भूल ३८६
    पौराणिक गाथाएँ
    वैष्णव प्रभाव द्योतक पद
    राजस्थानी में प्राप्त पद
    १ क्यूं कर म्हे दिन काटाँ (नाथजी), ३८७ २२९
    २ दूर रहो रे कबर नदना रे ३८८ "
    ३ रुकमणी री लाज राखो ३८९ २३०
    ४ माधो जी, आया ही सरँगो, राणी रुकमण का भरतार ३९० "
    ५ मत आवै रे नन्दका म्हाकी गली ३९१ २३१
    ६ म्हाँसूं मुखडै क्यूं नहि बोलो . ३९२ "
    ' ७ मोहन मुसक्याने सखी लागे सो ही जाने ३९३ " *
    ८ नन्द जी रे आज बधावणौ छे ३९४ २३२
    ९ हेरी माँ नन्दको गुमानी, म्हॉरे मनडे बस्यो ३९५
    १० कुछ दोष नहि कुबज्या ने, बीर अपना श्याम खोटा ३९६ २३३
    ११ हमने सुणी छै हरि अधम उधार ण . ३९७ "
    १२. म्हॉर नैणा आगे रहोजी, स्याम गोविन्द . ३९८ २३४०
    मिश्रित भाषाओं में प्राप्त पद
    १ राम गरीब निवाज, मेरे सिर पर गरीब निवाज ३९९ "
    २ किरपा भई सतगुर अपने की बेर बेर, हरि नॉव लियो रीं ४०० २३५
    ३ प्रीत मत तोडो गिरधर लाल . . ४०१ 〃
    ४, नन्द को बिहारी म्हॉरे हिवड़े बस्यो छै . .. ... ४०२ २३६