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मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary

भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा

DevanagariRajasthanipublished365 पृष्ठ

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११
मिश्रित भाषाओं में पाप्त पद
१ म्हाँने चाकर राखो जी गिरधारी लाला, चाकर राखो जी २४० १५४
२ मैं तो थाँरे दामन लागी जी गोपाल २४१ ,,
ब्रजभाषा में प्राप्त पद
१. मेरे मन राम द्राम बसी . २४२ १५५
२ हमारे मन राधा स्याम बसी २४३ ,,
३ माई मैं तो गोविन्द सो अटकी २४४ १५६
४. पग घुँघरू बाँध मीराँ नाची रे . २४५ ,,
५ चितननन्दन आगे नाचूँगी २४६ १५७
• (१) घुघरूँ बाँध मीराँ नाची रे, पग घुघरूँ ,,
६ मै गिरिधर के घर जाऊँ २४७ ,,
७ हरि मेरे जीवन प्राण अधार २४८ १५८
८ निपट यकट छबि अटकै मेरे नैना २४९ ,,
९ सखी मेरो कानूडो कलेजे कोर २५०
विभिन्न बोलियों में प्राप्त पद
१. हमरे रौरे लागिल कैसे छूटी .. २५१ १५९
२ जो तुम तोडो पिया, मै नही तोडू . .. २५२ ,,
गुजराती में प्राप्त पद
१. मुखडानी माया लागी रे मोहन प्यारा . .. २५३ १६०
३. लेह लागी मने तारी, अल्याजी , २५४ ,,
३ नागर नन्दा रे बाल मुकुन्दा, छोडी छोने जनना धधारे २५५ ,,
४ राम चमकडू-जडियो रे राणाजी, २५६ १६१
५ राम सीतापती थारी नेह लागी हो २५७ ,,
६. सुन्दरि स्याम सरीर म्हाँरा दिल २५८ १६२
७ नही रे बिसरूँ हरि अन्तर माँ थी २५९ ,,
“दासी” और “जन” प्रयोग युक्त पद
राजस्थानी में प्राप्त पद
१ तुमरे कारण सब सुख छाड या, .. २६० १६५
२ थाँरी छूं रमैया मोसूँ नेह निभावी २६१ ,,
३. पपइया रे पिव की बाणी न बोल .. . २६२ १६६
४ साजन घर आवो जी मिठबोला . ∩ २६३ ,,
• (१) सजन घर आवो जी मीठाँ बोलॉ १६७