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मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary

भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा

DevanagariRajasthanipublished365 पृष्ठ

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(१) राणा जी जहर दियो हम जानी .. . १२४
(२) राणा जी जहर दियो हम जानी .. .. "
(३) जहर दियो म्हे जाणी . "
(४) जहर दियो म्हे जानी, राणा जी म्हाने . . १२५
(५) जहर दियो सो जाणी . . "
३ म्हाँरा नटनागर गोपाल लाल बिन .. २०२ १२६
४. राणो म्हाँरी कॉई करिहै, मीराँ छोड दई कुल लाज . २०३ १२७
५. मेरो मन हरिसूं जोऱ्यो, . .. .. २०४ "
६. यौँ तौ रग धत्ता लाग्यो ए माय ... २०५ १२८
(१) किण विध कहूँ, कहण नही आवै "
(२) किण विध कहूँ, कहण नही आवै .. "
७ गिरधर के मन भाई हो राणा जी . २०६ १२९
ब्रजभाषा में प्राप्त पद
१ माई री मे साँवलिया जान्यो नाथ २०७ १३०
२ मीराँ मगन भई हरि के गण गाय २०८ "
खड़ी बोली में प्राप्त पद
• १. तेरा मेरा जिवडा यक कैसे होय राम ... २०९ १३१
गुजराती में प्राप्त पद
१ आदि वैराग ण छुँ राणा जी, मे आदि वैरागिण छुँ २१० "
२ आज मोरे साधुजन नो सग रे, राणा, मारा भाग्य भला रे २११ "
३ मे तो छाडी छाडी कुल की लाज .. २१२ १३२
४ गोविन्दो प्राणो अमारो रे, मने जग लाग्यो खारो रे २१३ १३२
५ म्हारे सिर पर साल्लिग्राम, राणा जी म्हाँरो काँई करसी २१४ १३३
मिलन और बधाई
राजस्थानी में प्राप्त पद
१ म्हाँरा ओलगिया घर आया जी . . . २१५ १३५
२ सहेलियाँ साजन घर आया हो .. . २१६ "
३. राम जी पधारे धनि आज री घरी . २१७ १३६
४ राम स्नेही साँवरियो, म्हाँरी नगरी मे उतऱ्यो आई . २१८ "
५. गिरधर आवणाँ है ऊदाँबाई सेजडली सँवार .. २१९ १३७
६ म्हॉरे आजि रंगीली रात, मनडारा म्हरम आइथा . २२० "
७. रे साँवलिया म्हारे आज रगीली गणगोर छै जी . २२१ १३८
८ म्हाँके जी गिरधारी, थाँसूं म्हे बोले ... २२२ "