मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)
Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary
भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें७
गुजराती में प्राप्त पद
१. क्यारे आवसे घर कान रे, जोसिडा जोस जुवो ने . १४८ ८६
२ कागद कोण लई जाय रे १४९ ,
३ कही जइ करूँ रे पोकार, कारी मनी धावे लागे थे १५० '
४. शामले मल्याँ त बिसारी १५१ ८७
५. ब्रजमाँ कयम रेवाशे ओधव ना वा'ला १५२ "
६. आवजो म्हाँरे नेडे ओधव ना वा'ला, १५३ "
७ कॉनी ग्यवे देखन जाऊँ श्यामलो वेरागी भयो रे १५४ "
८ गोविन्दा ने देश ओधव मुने लेई, १५५ ८८
९. आवो ने सलुणा म्हाँरा मीठडाँ मोहन १५६ "
१० मारा प्राण पातलिया वाहेला आवो रे १५७ "
११. नारे लाव्या ब्रजमाँ फरी ने, ओधव जी वॉलो १५८ ८९
१२ हाँ रे माया शीद ने लगाड़ी, धुतारे वाले १५९ "
१३ ब्रजमाँ केम रेवाशे, ओधवना वाला, ब्रजमाँ केम रेवाणे १६० ९०
विभिन्न बोलियों में प्राप्त पद
पंजाबी मे प्राप्त पद
१ साँवरे दी झालन माये, सानू प्रेम दी कटारियाँ १६१ "
खडी बोली मे प्राप्त पद
१ आली साँवरे की दृष्टि मानो प्रेम की कटारी हैं १६२ ९१
२. जल्दी खबर लेना मेहरम मेरी .. १६३ "
संघर्षाभिव्यक्ति
राजस्थानी में प्राप्त पद
१. अब नंहिं बिसरूँ म्हाँरे हिरदै लिख्यो हरिनाम . १६४ ९२
२. म्हाँरे हिरदे लिख्यो जी हरि नाम, अब नंहिं बिसरूँ १६५ ९३
३ म्हाँरे हिरदे लिखयो हरि नाव, अब मै ना बिसरूँ १६६ ९४
४. में तो सुमर्या छै मदनगोपाल . १६७ ९५
(१) मैं तो सुमरया छै मदन गोपाल .. ९६
५. गढ से तो मीरों बाई उतरी, करवा लीना जी साथ १६८ ९७
६ राणा जी महलों से ऊतरी, ऊँटा कसियो भार . १६९ ९८
७ काँई थारो लागै छै गोपाल .. .. .. १७० "
८ ए मीराँ थॉरो कॉई लागै गोपाल . .. १७१ ९९
९ राणा जी महल पधारिया जी, कर केसरिया साज .. १७२ १०० .
१० म्हाँने बोल्याँ मति मारो जी राणा यो लैइ थॉरो देस १७३ १०१