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मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary

भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा

DevanagariRajasthanipublished365 पृष्ठ

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३. पिया मोहि दरसण दीजै हो ... .. ८४ ५९
४. नीदडली नही आवै सारी रात, किस बिध होई परभात ८५ "
५. सइयाँ तुम बिन नीद न आवै हो . . ८६ ६०
६ थे म्हाँरे घर आवो जी प्रीतम प्यारा . ८७ ,
• (१) घर आवो जी प्रीतम प्यारा . . ,
• (२) म्हाँरे घर आज्यो प्रीतम प्यारा .. ६१
• (३) म्हाँरे डेरे आज्यो जी महाराज .. "
७ आई मिलो हमकूँ प्रीतम प्यारे, ८८ "
•८ कभी म्हाँरे गली आव रे, जिया की तपन बुझाव रे ८६ ६२
९ घर आवो जी साजन मिठबोला . ९० ६३
१० तुम आज्यो जी रामा, आवत आस्याँ सामा . ९१ "
११. उड जा रे कागा बन का ९२ "
१२ गोविन्द, कबहुँ मिलै पिया मोरा . ९३ ६४
१३ भीजै म्हाँरो दावण चीर, सावणियो लुम रहियो रे ९४ "
१४ म्हाँरि घर आओ, स्याम, गोठडी कराइये ९५ ,
१५ साँइया, सुणजो अरज हमारी .. . ९६ ६५
१६. हरि, म्हाँरी सुणजो अरज महाराज . : ९७ ,
१७ कैसी रितु आई, मेरो हियो लरजे है मा .. ... ९८ "
१८. ऐसी ऐसी चाँदनी मे पिया घर नाई . ९९ ६६
१९ मोसी दुखियाँ कूँ, लोग सुखिया कहत है .. १०० "
२० रसमरिया महाराज मोकूँ, आप सुनाई बाँसुरी .. १०१ ६७
२१ प्यारी हट माँड्यो माँझल रात . १०२ "
२२ लाग रही औसेर कान्हा, तेरी लाग रही औसेर . १०३ ६८
२३ माधो बिन बसती उजार मेरे भावे . १०४ ,
२४ दासी, म्हाँरा मारुडा मारुँ जी से कहना .. . १०५ "
२५. तुम ह्याँ ही रहो राम रसियाँ . १०६ ६६
२६ नेहा समद बिच नाव लगी है १०७ "
२७ माई, म्हाने मोहन मित्र मिलाय .१०८ "
२८ मैं खड़ी निहारुँ बाट, चितवन चोट कलेजे बह गई १०६ ७०
२९ उधो, म्हाँरे मन की मन मे रही ... .. ११० "
३० तुम आवो हो कृपानिधान बेग ही ... ... १११ "
३१ होली पिया बिन मोहि न भावै, घर आँगण न सुहावै . ११२ ७१
३२ किण सग खेलूँ होली, पिया तजि गए है अकेली ११३ "
३३. इक अरज सुनो मोरी, मैं किन सग खेलूँ होली ११४ ७२
३४ होली पिया बिन मोहि लागे खारी, सुनो री सखी प्यारी ११५ "